Syed Suhail | CM Yogi On Namaz: देश के अलग-अलग राज्यों में कानून व्यवस्था और सड़क पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर अब सख्त रुख साफ नजर आ रहा है. पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि किसी भी सूरत में कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में हिंसा, पथराव और प्रदर्शन की घटनाओं के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की है. कोलकाता, हुगली, आसनसोल और दुर्गापुर से सामने आई तस्वीरों में देखा गया कि पुलिस आरोपियों को पकड़कर ले जा रही है. कई मामलों में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं तक पर कार्रवाई की गई है.
पुलिस के मुताबिक, जिन लोगों पर हिंसा, अवैध उगाही या माहौल खराब करने के आरोप हैं, उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है. महज 3 दिनों में 60 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
इसी के साथ अवैध अतिक्रमण और निर्माण पर भी बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि कानून के खिलाफ बने किसी भी ढांचे को नहीं छोड़ा जाएगा.
हिंसा के दौरान पुलिस पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें कई जवान घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने और सख्ती दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी.
सड़क पर नमाज़ को लेकर भी बंगाल में विवाद बढ़ गया. कोलकाता के कुछ इलाकों में जब सड़क पर नमाज़ रोकने की कोशिश की गई, तो प्रदर्शन और तनाव देखने को मिला. कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सड़कें आम जनता के आवागमन के लिए हैं और किसी भी धार्मिक गतिविधि या भीड़ जुटाने के लिए उनका उपयोग नहीं किया जा सकता.
वहीं उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद से पहले बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज़ की इजाजत नहीं दी जाएगी. अगर लोगों की संख्या ज्यादा है तो वे तय स्थानों पर या शिफ्ट में नमाज़ अदा करें, लेकिन सड़क जाम करना स्वीकार्य नहीं होगा.
योगी ने यह भी साफ किया कि सरकार धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करती है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती. दोनों राज्यों में अब प्रशासन का रुख स्पष्ट है. पत्थरबाजी, अवैध कब्जा और सड़क पर धार्मिक आयोजन जैसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है.