शरद पवार की एनसीपी विवादित परिसीमन बिल (delimitation bill) पर केंद्र सरकार का समर्थन कर सकती है. हालांकि, एनसीपी ने इसके लिए मोदी सरकार के सामने एक शर्त रख दी है. यह बिल अप्रैल में संसद में गिर गया था, क्योंकि मोदी सरकार इसके लिए दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाई थी. एनसीपी सांसद और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने बुधवार को संकेत दिया कि अगर सरकार राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए बिल में कोई बड़ा बदलाव करती है, तो उनकी पार्टी इस बिल का समर्थन कर सकती है.