रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें ध्वस्त करने (तोड़ने) का नोटिस जारी कर दिया है. इस फैसले के बाद यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है. अपनी पढ़ाई और भविष्य की चिंता को लेकर परेशान छात्र अब यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए धरने पर बैठ गए हैं. उनकी मांग है कि इस ध्वस्तीकरण के आदेश को तुरंत रद्द किया जाए. 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस मुद्दे ने सियासी ध्रुवीकरण का रूप ले लिया है. इस विवाद में अब देश के बड़े मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी की भी एंट्री हो गई है. मदनी का कहना है कि अगर निर्माण में कोई गलती है भी, तो इतनी बड़ी तालीमी (शैक्षणिक) इमारत को गिराना बिल्कुल गलत है. वहीं दूसरी तरफ, सपा सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी और इकरा हसन भी तालीम की दुहाई देकर यूनिवर्सिटी के समर्थन में खड़े दिखाई दे रहे हैं.