महाराष्ट्र में बड़ा चुनावी संकट! वोटर लिस्‍ट से बाहर हो सकते हैं 2 करोड़ वोटर्स

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  • प्रकाशित: अगस्त 18, 2026

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में एक बहुत बड़ा चुनावी संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है. राज्य में होने वाले मतदाता सूची के शुद्धिकरण अभियान  यानि SIT के तहत करीब 2 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर होने की कगार पर हैं. आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र के लगभग 9.78 करोड़ मतदाताओं में से करीब 78% लोगों के दस्तावेजों और आवेदनों का डिजिटाइजेशन (डिजिटल मिलान) पूरा हो चुका है, लेकिन अब भी लगभग 2 करोड़ मतदाताओं ने आवश्यक फॉर्म जमा नहीं किए हैं.

इस संबंध में 24 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जानी है. सबसे चिंताजनक आंकड़े राज्य के बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों से सामने आए हैं, जहां मतदाता संपर्क से बाहर (अनट्रेसेबल) बताए जा रहे हैं. अकेले मुंबई में लगभग 30 लाख और पुणे में करीब 29 लाख मतदाताओं के नाम लिस्ट से कटने की आशंका है. इसके अलावा विदर्भ के 11 जिलों में करीब 35 लाख और नासिक में 10 लाख से अधिक वोटर संपर्क से बाहर हैं.

दिलचस्प और चिंताजनक बात यह है कि जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खराब स्थिति है, वे राज्य के शीर्ष नेताओं के गढ़ हैं. उदाहरण के लिए, ठाणे जहां से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आते हैं और नागपुर (विदर्भ) जो उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का निर्वाचन क्षेत्र है, वहां भी बड़ी संख्या में वोटर्स लिस्ट से बाहर होने की कगार पर हैं. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य की राजनीति भी गरमा गई है. विपक्षी दलों (MVA) ने चुनाव आयोग से फॉर्म जमा करने और इस अभियान की 24 अगस्त की डेडलाइन को आगे बढ़ाने की मांग की है. राकांपा (NCP - शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार सहित कई विपक्षी नेताओं ने पुरजोर मांग की है कि लोगों को पर्याप्त समय दिया जाए ताकि कोई भी नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न हो. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या चुनाव आयोग इस समय सीमा को आगे बढ़ाता है या नहीं.

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