कोलकाता (आईएएनएस). पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच पीएम मोदी का झारग्राम में एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. रविवार को जनसभा को संबोधित करने के बाद हेलीपैड की ओर जाते समय पीएम मोदी का काफिला अचानक रुक गया. वजह थी सड़क किनारे लगी एक छोटी सी दुकान, जहां वह मशहूर बंगाली स्नैक ‘झालमुड़ी’ का स्वाद लेने पहुंच गए. कई लोग जानना चाहते हैं कि पीएम मोदी ने जिस दुकान पर झालमुड़ी खाई, उसका दुकानदार एक दिन कितना कमा लेता है. दुकानदार ने IANS को खुद बताया कि वह एक दिन में एक हजार से 1200 रुपये की कमाई कर लेता है.
यह दुकान विक्रम शॉ की थी, जिनके लिए यह पल जीवन भर न भूलने वाला बन गया. विक्रम शॉ ने बताया कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि देश के प्रधानमंत्री उनकी दुकान पर आएंगे. उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है कि प्रधानमंत्री मेरी दुकान पर झालमुड़ी खाने आए.”
विक्रम शॉ के अनुसार, पीएम मोदी दुकान पर पहुंचे और सबसे पहले उनका नाम पूछा. इसके बाद हालचाल जाना और फिर उनसे झालमुड़ी बनाने को कहा. विक्रम ने जैसे रोज बनाते हैं, वैसे ही पीएम के लिए झालमुड़ी तैयार की. जब प्रधानमंत्री ने उसकी कीमत पूछी तो विक्रम ने पैसे लेने से इनकार कर दिया, लेकिन पीएम मोदी के जोर देने पर उन्हें पैसे लेने पड़े.
विक्रम ने बताया कि प्रधानमंत्री ने झालमुड़ी की तारीफ भी की. साथ ही उनके माता-पिता के बारे में पूछा और यह भी जाना कि वह कहां के रहने वाले हैं. विक्रम ने बताया कि उनका परिवार बिहार के गया जी जिले से है.
गरीबी के कारण छूटी पढ़ाई, झालमुड़ी से चलता है घर
बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने विक्रम की पढ़ाई और काम को लेकर भी सवाल किए. इस पर विक्रम ने बताया कि गरीबी के कारण उन्हें नौवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी. वह पिछले कई सालों से झालमुड़ी बेचकर ही अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं. विक्रम शॉ ने कहा, “मैं रोज करीब 1,000 से 1,200 रुपये की कमाई कर लेता हूं. इसी से मेरे परिवार का खर्च चलता है.” उन्होंने मुस्कुराते हुए यह भी कहा कि अफसोस बस इस बात का है कि वह प्रधानमंत्री से ऑटोग्राफ नहीं ले सके.
स्थानीय लोगों के लिए गर्व का पल
उस वक्त दुकान पर मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने इस पल को हैरान करने वाला और खुशी देने वाला बताया. उन्होंने कहा कि इतने बड़े पद पर होने के बावजूद प्रधानमंत्री का एक छोटे से शहर की छोटी सी दुकान पर आना, यहां के लोगों के लिए गर्व की बात है. यह झारग्राम ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के लिए एक मिसाल है. इस दौरान पीएम मोदी लोगों से बातचीत करते, मुस्कुराते और बच्चों व महिलाओं के साथ झालमुड़ी साझा करते भी नजर आए. यह सादा और आत्मीय पल हर किसी के दिल को छू गया.