नेपाल की त्रासदी ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को मलबे ने अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते सब कुछ तबाह हो गया. सबसे बड़ा सवाल यह है कि रसुआ क्षेत्र में भारी बारिश नहीं हुई थी, फिर इतना बड़ा सैलाब आखिर आया कहां से? इसको लेकर अलग-अलग थ्योरी सामने आ रही हैं. नेपाल के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तबाही तिब्बत की ओर किसी पुरानी ग्लेशियर झील (Glacial Lake) के फटने या किसी नए ग्लेशियर के खिसकने की वजह से आई हो सकती है. वहीं, कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि बर्फ और चट्टानों के बड़े हिस्से के टूटकर गिरने से अचानक पानी और मलबे का विशाल प्रवाह बना, जिसने नीचे के इलाकों में भारी तबाही मचाई. फिलहाल विशेषज्ञ घटना के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटे हैं.