NDTV Creators' Manch Season 2 में "परितोष की पाठशाला" – परितोष त्रिपाठी ने पिता पर दो दिल छू लेने वाली कविताएँ पढ़ीं! "पिता रोटी है, कपड़ा है, मकान है..." और उनकी खुद की "जो बिना आंसू बिना आवाज के रोता है वो बाप होता है" – पिता की निस्वार्थता, सपने सजाना, तलवे घिसना, बच्चों की किस्मत के छेद बनियान में पहनना पर गहन भावुकता।