मुंबई में लगभग 7,000 लोगों के एक चिकित्सा सर्वेक्षण में पाया गया है कि शहर में छह में से एक या लगभग 16 प्रतिशत निवासियों में कोरोनोवायरस के लक्षण पाए गए. जबकि स्लम इलाके में जहां लाखों लोग एक छोटी सी बस्ती में रहते हैं और वहां के लोग पब्लिक टॉयलेट को शेयर करते हैं. ऐसी जगह पर करीब 57 प्रतिशत लोग कोरोना से ग्रसित हैं.