जैसलमेर जिले के पोकरण (नाचना क्षेत्र) के सातर फांटा स्थित चक 8 एनएलडी का है, जहां करीब 9 महीने पहले मौत के मुंह से खींचकर लाई गई एक मासूम हिरणी को एक परिवार ने नम आंखों से विदा किया. लगभग नौ माह पूर्व, जंगली कुत्तों के बेरहम हमले में लहूलुहान हो चुके इस हिरणी के बच्चे को यह परिवार कुत्तों के चंगुल से बचाकर अपने घर लाया था. जहां ठीक होने तक हिरणी का पाला.कानून और वन्यजीवों के संरक्षण का फर्ज निभाते हुए परिवार ने भारी मन से वन्यजीव प्रेमी धर्मेंद्र पुनिया और वन विभाग को इसकी सूचना दी।जब वन विभाग की टीम उसे लेने पहुंची तो पूरा परिवार फूट-फूटकर रो पड़ा.