कभी महीने के सिर्फ दो हजार रुपये में गुज़ारा करने वाला परिवार आज लाखों रुपये महीना कमा रहा है. यह कहानी है बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के कदमहिया गांव की, जहां सत्येंद्र सिंह और उनकी पत्नी सुमन देवी ने संघर्ष को अवसर में बदलकर सफलता की नई मिसाल कायम की. ‘हनी कपल’ के नाम से मशहूर यह दंपति शहद उत्पादन के जरिए न सिर्फ अपनी ज़िंदगी बदल चुका है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता की प्रेरणा भी बन गया है.