पिता बेचते हैं सब्जी, रिश्तेदार मारते थे ताने, आज 15 साल की नौशीन बनी हॉकी की 'गोलमशीन'

भारत की 15 साल की युवा हॉकी स्टार नौशीन इन दिनों मैदान पर अपनी रफ्तार और शानदार खेल की वजह से 'गोलमशीन' के नाम से जानी जा रही हैं. इस वीडियो में देखिए एक ऐसी चैंपियन की कहानी, जिसका सफर आंसुओं और अभावों से शुरू होकर अंडर-18 एशिया कप (U-18 Asia Cup) के शानदार मंच तक पहुंचा है. नौशीन का यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था. एक वक्त ऐसा भी था जब उनके पास न तो खेलने के लिए अपनी हॉकी स्टिक थी और न ही पैरों में जूते. आस-पड़ोस के लोग और रिश्तेदार अक्सर उनके खेलने पर ताने दिया करते थे. लेकिन नौशीन के पिता, जो परिवार चलाने के लिए सब्जी बेचते हैं और कभी ट्रक चलाते हैं, मजबूती से अपनी बेटी के सपनों के साथ खड़े रहे.

आज उसी नौशीन ने अंडर-18 एशिया कप में सबसे ज्यादा 12 गोल दागकर हर आलोचक का मुंह बंद कर दिया है. पूर्व भारतीय कप्तान और मौजूदा टीम कोच रानी रामपाल के मार्गदर्शन में निखर रही नौशीन का अब सिर्फ एक ही सपना है - भारत के लिए 'ओलंपिक पदक' जीतना.

एक तरफ जहां नौशीन का कहना है कि "भारत में हॉकी को क्रिकेट जितना ध्यान और सम्मान नहीं मिलता", वहीं दूसरी तरफ उनके हौसले आसमान छू रहे हैं.

एक पिता के संघर्ष और एक बेटी की कामयाबी की इस पूरी कहानी को जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें. नौशीन के जज्बे को सलाम करने के लिए इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें.