महिला पहलवानों के यौन शौषण के मामले में आगे सुनवाई सुप्रीम कोर्ट नहीं करेगा. कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई बंद की और कहा कि मामले में FIR दर्ज हो चुकी है. सुनवाई का उद्देश्य FIR को लेकर ही था. कोर्ट ने महिला पहलवानों के मामले की निगरानी रिटायर्ड जज से कराने की मांग खारिज की और कहा कि अगर कोई शिकायत है तो निचली अदालत जा सकते हैं. पीड़ित हाईकोर्ट भी जा सकते हैं.