ट्रंप के संबोधन के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, दाम करीब $5 प्रति बैरल बढ़ चुके हैं. भाषण से पहले कच्चा तेल ₹100 से नीचे था, अब ₹110 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है. बाजार पहले से दबाव में था, अब मार्केट क्रैश और तेल महंगाई ने हालात और बिगाड़ दिए हैं.
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस जंग से ग्लोबल इकोनॉमी को ट्रिलियन डॉलर का नुकसान अगले 1–2 क्वार्टर में दिखेगा.
आशंका है कि कच्चा तेल $120 प्रति बैरल तक जा सकता है, जिससे महंगाई लगभग 1.5% और बढ़ेगी. हर $10 की बढ़ोतरी पर ग्लोबल GDP में 0.2–0.4% की गिरावट आती है. कच्चे तेल के साथ-साथ केमिकल, पेंट, प्लास्टिक, एलपीजी, फर्टिलाइज़र जैसी चीजें भी महंगी होंगी. फर्टिलाइज़र महंगे होने से फूड सिक्योरिटी पर खतरा बढ़ेगा, रूस-यूक्रेन युद्ध से दबाव पहले से है. ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप का बयान—ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, इसे वैश्विक खतरा बताया. अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर पर कोई सहमति नहीं, ईरान लंबे युद्ध के लिए तैयार, होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बरकरार.