समुद्र तटीय शहर उडुपी की चहल-पहल से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित है श्री पजक (या पेजावर) विद्यापीठ, जिसे स्थानीय लोग पजक मठ के नाम से जानते हैं. सुवर्णा नदी के शांत तट पर बसा यह परिसर सनातन शिक्षा का एक ऐसा केंद्र है, जहां अतीत आज भी वर्तमान के साथ जीवंत होकर सांस लेता है. इन्हीं शांत गलियारों में करीब 70 विद्यार्थी, जिनमें कुछ की उम्र महज 8 वर्ष है, वैदिक शिक्षा की राह पर चलने का संकल्प लेकर आए हैं. यहां वे परंपरागत ज्ञान, संस्कार और वेद-अध्ययन के माध्यम से भारतीय संस्कृति की प्राचीन विरासत को आत्मसात कर रहे हैं.