संगठन के बाद अब मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी! जानें, किस-किस को मिल सकती है बड़ी जिम्‍मेदारी

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  • प्रकाशित: अगस्त 18, 2026

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद अब केंद्र की मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद में बड़े फेरबदल और विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई है. माना जा रहा है कि आगामी उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों और मिशन 2029 को ध्यान में रखते हुए सरकार में युवा जोश भरने और प्रदर्शन के आधार पर मंत्रियों की छुट्टी या प्रमोशन का फैसला लिया जा सकता है. एनडीटीवी के वरिष्ठ सहयोगी अखिलेश शर्मा के अनुसार, इस कार्यकाल में अभी तक कोई फेरबदल नहीं हुआ है, इसलिए यह विस्तार लंबे समय से लंबित है. हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी इस फेरबदल की जमीन तैयार की है. पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 20 बागी सांसदों के एनडीए को समर्थन देने, टीएमसी के 4 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने, शिवसेना के 7 सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने और आम आदमी पार्टी के सांसदों के बीजेपी में आने के बाद इन नए सहयोगियों को मंत्रिपरिषद में एडजस्ट करना पार्टी के लिए बेहद जरूरी हो गया है. इसके अलावा रवनीत सिंह बिट्टू की खाली जगह को भी भरा जाना है.

रणनीतिक रूप से उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव सबसे बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है. वर्तमान में यूपी से कैबिनेट में कोई भी ब्राह्मण चेहरा शामिल नहीं है, जिसे देखते हुए इस फेरबदल में किसी बड़े ब्राह्मण चेहरे को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है. साथ ही यूपी से राज्यसभा सांसद हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, जिन पर भी फैसला होना है. इसके अलावा, पीयूष गोयल को पार्टी का मुख्य कोषाध्यक्ष  बनाए जाने के बाद 'एक व्यक्ति, एक पद' के सिद्धांत के तहत उनके मंत्रालय की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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