उत्तराखंड: चार धाम यात्रा के लिए 6 मार्च से रजिस्ट्रेशन; कैसे होगा? क्या दस्तावेज लगेंगे? जानें सबकुछ

उत्तराखंड के चारों धामों की यात्रा अगले महीने से शुरू होने जा रही है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुक्रवार से शुरू होंगे. कैसे होगा रजिस्ट्रेशन? क्या करना होगा? जानते हैं.

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  • उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट अप्रैल में खुलेंगे और श्रद्धालु छह महीने तक दर्शन कर सकेंगे
  • चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन छह मार्च से सुबह सात बजे से शुरू होगा
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड या ईमेल आईडी के माध्यम से व्यक्तिगत और यात्रा विवरण भरना आवश्यक है
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उत्तराखंड के चारों धामों के लिए 6 मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा. उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट अप्रैल से खुल जाएंगे. यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को तो केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. श्रद्धालु अगले 6 महीने तक यहां दर्शन कर सकेंगे.

हर साल चारों धामों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु देश-विदेशों से आते हैं. पिछले साल उत्तराखंड में 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन करने चारों धाम पहुंचे थे. 

19 अप्रैल से उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है. उससे पहले 6 मार्च से चारों धामों में दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा. राज्य सरकार के मुताबिक, 70 फीसदी रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होंगे, जबकि 30 फीसदी रजिस्ट्रेशन 
ऑफलाइन होंगे. 

कैसे होगा रजिस्ट्रेशन?

चार धाम आने वाले श्रद्धालु 6 मार्च की सुबह 7 बजे से रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन मोबाइल ऐप और वेबलिंक के माध्यम से कर सकते हैं। श्रद्धालु registrationandtouristcare.uk.gov.in वेबसाइट और Tourist Care Uttarakhand मोबाइल ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

भारतीय यात्री अपना रजिस्ट्रेशन आधार कार्ड के माध्यम से कर सकेंगे, जबकि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ईमेल आईडी की सुविधा रहेगी.

जिन श्रद्धालुओं के पास आधार कार्ड नहीं है, उनके लिए पिछले साल की तरह ही इस साल भी रजिस्ट्रेशन सेंटर की व्यवस्था की गई है. इन सेंटर पर कपाट खुलने से दो दिन पहले 17 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे.

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ऑनलाइन कैसे होगा रजिस्ट्रेशन?

  • खाता बनाना: मोबाइल नंबर और OTP का उपयोग करके पोर्टल पर साइन अप करना।
  • व्यक्तिगत विवरण: नाम, उम्र, लिंग, पता, और मोबाइल नंबर दर्ज करना।
  • दस्तावेज अपलोड: पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, या पासपोर्ट) और फोटो अपलोड करना।
  • यात्रा का विवरण: यात्रा के गंतव्य, यात्रा की तिथियां, और आने-जाने का तरीका (सड़क, हेलीकॉप्टर) चुनना।
  • स्वास्थ्य जांच/घोषणा: 50 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों के लिए फिटनेस की जानकारी या प्रमाण पत्र की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि चिकित्सा जांच पॉइंट्स होते हैं।

ऑफलाइन कैसे होगा रजिस्ट्रेशन?

ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी की गई है. ऋषिकेश स्थित यात्रा पंजीकरण और ट्रांजिट कैंप, हरिद्वार में पंजीकरण केंद्र ऋषिकुल ग्राउंड और विकास नगर में पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं.

इसके साथ ही कुछ नए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सेंटर भी बनाने की विचार चल रहा ताकि चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण आसान हो सके.

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श्रद्धालु किसी भी प्रकार की जानकारी या असुविधा होने पर टोल फ्री नंबर 0135-1364 पर 24×7 कॉल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

रजिस्ट्रेशन क्यों है जरूरी?

बगैर रजिस्ट्रेशन के यात्रा नहीं कर सकते. यात्रा से पहले रजिस्ट्रेशन जरूरी है. रजिस्ट्रेशन के बाद QR कोड वाला ई-पास जनरेट होता है, जिसे चेकपॉइंट पर दिखाना होगा.

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