उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में NHPC पावर हाउस की टनल पर लैंडस्लाइड, 11 मजदूर फंसे

Uttarakhand Landslide: पिथौरागढ़ के विकासखण्ड धारचूला में ऐलागाड़ स्थित भूमिगत एनएचपीसी पावर हाउस की टनल के मुहाने पर भूस्खलन की घटना हुई है. भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा होने से टनल का मार्ग अवरुद्ध हो गया और 11 फंसे हुए हैं. 

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Uttarakhand Landslide: एनएचपीसी पावर हाउस की टनल के मुहाने पर भूस्खलन के कारण 11 मजदूर फंस गए.
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  • उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एनएचपीसी पावर हाउस की टनल के मुहाने पर भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध हो गया है.
  • हादसे में 19 मजदूर फंसे थे, जिनमें से 8 को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया है. हालांकि 11 मजदूर अब भी फंसे हैं.
  • पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी ने बताया कि टनल के मुहाने से मलबा हटाने और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं.
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धारचूला:

Uttarakhand Landslide: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में रविवार को एनएचपीसी (National Hydroelectric Power Corporation) पावर हाउस की टनल के मुहाने पर भूस्‍खलन हुआ. इसके कारण टनल का मार्ग अवरुद्ध हो गया और इसमें 19 मजदूर फंस गए. हालांकि इनमें से आठ मजदूरों को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है. हालांकि अभी भी 11 मजदूर फंसे हुए हैं. इसे लेकर पिथौरागढ़ प्रशासन ने कहा है कि टनल के मुहाने से मलबा हटाया जा रहा है और इन लोगों को भी जल्‍द ही सुरक्षित बाहर निकला लिया जाएगा. 

पिथौरागढ़ के विकासखण्ड धारचूला में ऐलागाड़ स्थित भूमिगत एनएचपीसी पावर हाउस की टनल के मुहाने पर भूस्खलन की घटना हुई है. भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा होने से टनल का मार्ग अवरुद्ध हो गया और 19 मजदूर फंस गए. हालांकि इनमें से आठ को निकाल लिया गया है और 11 अब भी फंसे हुए हैं, जिन्‍हें राशन पहुंचाया गया है. 

टनल के मुहाने से हटाया जा रहा मलबा: जिलाधिकारी 

पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि जिला प्रशासन और बीआरओ की तत्परता से राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है.

उन्‍होंने बताया कि टनल के मुहाने से मलबा हटाया जा रहा है. साथ ही इमरजेंसी शाफ्ट एरिया को भी निरंतर साफ किया जा रहा है. 

टनल में फंसे सभी 11 मजदूर सुरक्षित: जिलाधिकारी 

उन्होंने बताया कि अब तक आठ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है और 11 बचे हुए कार्मिक भी सुरक्षित है, जिन्हें बाहर निकालने के लिए प्रशासन निरंतर संपर्क में बना हुआ है. 

जिला प्रशासन, बीआरओ, एनएचपीसी, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ और अन्य बचाव दल निरंतर रूप से संयुक्त प्रयास कर रहे हैं और मौके पर अभियान चलाया जा रहा है. 

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