उत्तराखंड के पहाड़ों पर भी चढ़ रहा पारा, फिर भी क्यों उमड़ रही सैलानियों की भारी भीड़? जानिए वजह

मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से बचने के लिए सैलानी उत्तराखंड पहुंच रहे हैं. लेकिन पहाड़ों पर भी उम्मीद के मुताबित ठंड नहीं है. वहां भी तापमान बढ़ा है, लेकिन मसूरी-नैनीताल जैसे हिल स्टेशन पहाड़ी इलाकों के मुकाबले अभी भी ठंडे हैं. सुबह-शाम सुहाना मौसम और छुट्टियों के चलते भारी भीड़ उमड़ रही है.

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  • उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक होने के बावजूद सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है.
  • मसूरी और नैनीताल प्रमुख हिल स्टेशन हैं जहां पर्यटक सुबह-शाम ठंडी हवा के कारण ज्यादा समय बिताते हैं.
  • मैदानी इलाकों में तापमान 40 से 46 डिग्री तक पहुंचने से लोग गर्मी से बचने के लिए पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं.
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देशभर के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में तापमान 40 से 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे बचने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं.

हालांकि इस बार हैरानी की बात यह है कि उत्तराखंड के पहाड़ भी पूरी तरह ठंडे नहीं हैं. यहां तापमान सामान्य से 1-2 डिग्री ज्यादा चल रहा है और दिन में तेज धूप व गर्मी का एहसास हो रहा है. बावजूद इसके, मसूरी और नैनीताल जैसे प्रमुख हिल स्टेशन सैलानियों से खचाखच भरे हुए हैं.

मसूरी-नैनीताल सबसे ज्यादा हॉट फेवरेट

उत्तराखंड के मसूरी और नैनीताल इस समय पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं. इसके अलावा गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, जोशीमठ, औली, चकराता, मुनस्यारी, कौसानी, अल्मोड़ा और भीमताल में भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं.

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22 मई को नैनीताल और मसूरी दोनों जगहों पर अधिकतम तापमान करीब 28°C दर्ज किया गया, जो मैदानी इलाकों की तुलना में काफी कम है. यही वजह है कि दिन में हल्की गर्मी के बावजूद यहां की ठंडी हवाएं पर्यटकों को राहत दे रही हैं.

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गर्मी से बचने के लिए पहाड़ी इलाकों में पहुंच रहे सैलानी.

दिन में धूप, लेकिन सुबह-शाम सुकून

हालात यह हैं कि दिन में धूप तेज जरूर है, लेकिन सुबह और शाम का मौसम बेहद सुहाना बना हुआ है. इसी कारण पर्यटक दिन के बजाय मॉर्निंग और ईवनिंग में घूमना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. नैनीताल घूमने आई हरियाणा की हरमन बताती हैं कि उनके शहर करनाल में लू चल रही है और हालात बेहद खराब हैं, जबकि नैनीताल में सुबह-शाम ठंडी हवा चलती है. वहीं पश्चिम बंगाल की तनुश्री कहती हैं कि वहां इतनी गर्मी है कि घर से निकलना मुश्किल है, इसलिए उत्तराखंड आना बेहतर विकल्प लगा.

‘मैदान से ठंडा' ही सबसे बड़ी वजह

राजस्थान से आए पर्यटक अंकित का कहना है कि उनके इलाके में इतनी गर्मी है कि यहां का तापमान उन्हें नवंबर जैसा लग रहा है. वहीं गुरुग्राम से आए रोशन कुमार बताते हैं कि दिन में भले धूप हो, लेकिन मसूरी की हवा में ठंडक है, जो मैदानों में बिल्कुल नहीं मिलती. यही बड़ा कारण है कि पहाड़ों पर तापमान थोड़ा बढ़ने के बावजूद, लोग यहां आना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. क्योंकि मैदानों की तुलना में यहां अब भी काफी राहत है.

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होटल इंडस्ट्री का बढ़िया चल रहा सीजन

पर्यटकों की इस भारी आमद से स्थानीय होटल और पर्यटन उद्योग बेहद खुश हैं. नैनीताल में लगभग 60% होटल बुक हैं. इसके अलावा मसूरी में 60–70% तक ऑक्यूपेंसी है. नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट के मुताबिक, स्कूलों की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं, जिसके चलते 30 जून तक पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है. वहीं मसूरी होटल एसोसिएशन के महासचिव अजय भार्गव का भी कहना है कि दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों से भारी भीड़ आ रही है और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी.

क्यों बढ़ रही है भीड़? समझिए 4 बड़े कारण

1. मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी

45°C तक पहुंचा तापमान लोगों को पहाड़ों की ओर धकेल रहा है.

2. पहाड़ अब भी ठंडे (तुलनात्मक रूप से)

28°C बनाम 45°C का यहा बड़ा अंतर लोगों को पहाड़ों की ओर रुझा रहा है. 

3. स्कूलों की छुट्टियां

समर वेकेशन में फैमिली ट्रैवल पीक पर होता ही है. इस सीजन भी वही हाल है. 

4. सुबह-शाम सुहाना मौसम

दिन की गर्मी के बावजूद पहाड़ों पर बाकी समय राहत है. 

उत्तराखंड के पहाड़ों पर तापमान बढ़ने के बावजूद सैलानियों की भीड़ यह साफ दिखाती है कि लोगों के लिए कम गर्म जगह भी अब राहत बन गई है. जब मैदानों में हालत 45°C तक पहुंच रही हो, तब 28°C भी सुकून जैसा महसूस होता है. यानी अब पहाड़ पूरी तरह ठंडे नहीं रहे, लेकिन अभी भी सबसे बड़ी राहत वहीं मिल रही है.

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