50 फीट लंबी दरारें... खतरे में नैनीताल का खूबसूरत मॉल रोड, 5 साल पहले झील में समा गया था बड़ा हिस्सा

नैनीताल की फेमस मॉलरोड का एक हिस्सा 18 अगस्त 2018 को तुतकल नैनीझील में समा गया था.

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  • नैनीताल के लोअर मॉलरोड में रविवार शाम लगभग 50 फीट लंबी दरारें दिखाई दीं
  • एचडीएफसी बैंक के सामने सड़क का एक हिस्सा आठ इंच नीचे तक धंसा
  • प्रशासन ने तुरंत सड़क को बंद कर दिया और ट्रैफिक के लिए ऊपरी मॉलरोड को वैकल्पिक मार्ग बनाया
देहरादून:

उत्तराखंड का प्यारा हिल स्टेशन नैनीताल अपनी खूबसूरती के लिए देशभर में फेमस है. नैनीताल की पहचान मॉलरोड एक बार फिर संकट में है. दरअसल रविवार की शाम को मल्लीताल क्षेत्र में ग्रैंड होटल के समीप लोअर मॉलरोड में लगभग 50 फीट लंबी दरारें देखने को मिलीं. एचडीएफसी बैंक के सामने सड़क का एक हिस्सा करीब 8 इंच नीचे धंस गया, जिससे एक टू-व्हीलर्स राइडर गिर पड़ा. प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस मार्ग को आम ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया है.

ऐसा पहली बार नहीं...

यह पहली बार नहीं है जब मॉलरोड ने ऐसी चेतावनी दी हो. 18 अगस्त 2018 को इसी इलाके का एक हिस्सा तुतकल नैनीझील में समा गया था, तब से लेकर अब तक कई बार इस रास्ते पर दरारें देखी गईं, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने सिर्फ रेत, सीमेंट और डामर से मरम्मत कर दी. लेकिन इतनी महत्वपूर्ण सड़क का धंस जाना कोई आम बात नहीं है, इसलिए जिसने भी ये नजारा देखा वो चिंतित हो गया.

स्थानीय लोगों ने क्या बताया

स्थानीय निवासी रोहित कुमार, जो घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं. उन्होंने बताया कि सड़क धंसने के बाद ट्रैफिक में अफरा-तफरी मच गई और एक बाइक सवार इसकी चपेट में आ गया. प्रशासन ने फिलहाल ऊपरी मॉलरोड को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी है. लेकिन सवाल यह है कि क्या नैनीताल की इस पहचान सका कोई स्थायी समाधान निकलेगा या हर मानसून में यह संकट दोहराया जाएगा?

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