उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के चीफ व्हिप कमाल अख्तर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कमाल अख्तर मुरादाबाद की कांठ सीट से विधायक हैं. माना जा रहा है कि हाल के दिनों में मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के साथ मतभेदों के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है. हालांकि, कमाल अख्तर ने किसी भी तरह की नाराजगी से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कहने पर इस्तीफा दिया है. उनके इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक बदलाव और नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
कमाल अख्तर ने अपने इस्तीफे को किसी विवाद या नाराजगी से जोड़ने से इनकार किया है. उन्होंने कहा, 'मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर अपना इस्तीफा दिया है. पार्टी के भीतर संगठन और पदों में परिवर्तन की प्रक्रिया समय-समय पर चलती रहती है. किसी से मेरी कोई नाराजगी नहीं है. मैं समाजवादी पार्टी का एक छोटा कार्यकर्ता हूं और आगे भी अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहूंगा.'
सपा नेता कमाल अख्तर ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में कहा कि विधानमंडल दल हो, संगठन हो, पार्टी हो, उसके अंदर-अंदर जिम्मेदारियां लोगों को सौंपी जाती हैं. कोई पद परमानेंट नहीं होता. राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्देश है कि अब आगे इस पद में हम लोगों को काम नहीं करना है. किसी और को जिम्मेदारी दी जाएगी और मुझे विश्वास है कि जिसको जिम्मेदारी दी जाएगी, वह पार्टी के लिए अच्छा काम करेगा. उन्होंने कहा कि मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाती है, उसे मैं निभाऊंगा.
सांसद से मनमुटाव पर क्या बोले कमाल अख्तर?
सपा सांसद रुचि वीरा के साथ मनमुटाव की चर्चाओं पर कमाल अख्तर ने कहा, 'इस चीज से कोई लेना-देना नहीं है. वह अपना काम कर रही हैं. मैं अपना काम कर रहा हूं.
सांसद रुचि वीरा के साथ मतभेद के सवाल पर PTI से उन्होंने कहा कि 'यह आप उनसे पूछें तो बेहतर होगा. मुझे तो नहीं लगता कि कोई बात है.'
इस सवाल पर कि क्या चीफ व्हिप के पद से हटाये जाने का उन्हें कोई मलाल या नाराजगी है, अख्तर ने कहा, 'नाराजगी किस बात की होगी? नाराजगी तब होती है जब आदमी खुद को नेता मानता हो. हम तो कार्यकर्ता हैं और पिछले 30 साल से समाजवादी पार्टी में हैं. हम तो अखिलेश यादव जिंदाबाद, मुलायम सिंह यादव जिंदाबाद करते आये हैं और आगे भी करते रहेंगे.'
उन्होंने कहा कि मैं बहुत छोटा सा कार्यकर्ता हूं. मैंने राज्यसभा में भी काम किया. मैंने संगठन में अलग-अलग पदों पर भी काम किया. पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी, मैंने उसका निर्वहन किया. यह जिम्मेदारी पार्टी में मुझे दी गई, जब तक उसका निर्वहन किया. मेरे नेता का आदेश था कि आगे और लोगों को मौका देना है. और लोग आएंगे और पार्टी के लिए अच्छा करेंगे तो यह हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम लोगों को आगे मौका दें.
सांसद और विधायक में क्या थे मतभेद?
पिछले कुछ दिनों से मुरादाबाद की राजनीति में सपा सांसद रुचि वीरा और विधायक कमाल अख्तर के बीच मतभेदों की चर्चाएं हो रही थीं.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच संगठनात्मक समन्वय और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी, जिसके बाद सपा नेतृत्व ने दोनों को लखनऊ बुलाकर बैठक की थी. बताया जाता है कि बैठक में अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं की बातें सुनीं और विवाद को समाप्त करने का प्रयास किया. इस बैठक में राज्यसभा सदस्य जावेद अली, पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और सांसद प्रतिनिधि खुशनूद अली भी मौजूद थे.
बैठक के बाद माना जा रहा था कि मामला शांत हो गया है, लेकिन कमाल अख्तर के इस्तीफे ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है.
2024 में बने थे चीफ व्हिप
कमाल अख्तर को 28 जुलाई 2024 को विधानसभा में समाजवादी पार्टी का मुख्य सचेतक यानी चीफ व्हिप नियुक्त किया गया था. इससे पहले यह जिम्मेदारी विधायक मनोज कुमार पांडेय के पास थी. राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग मतदान करने के बाद मनोज पांडेय ने मुख्य सचेतक पद छोड़ दिया था, जिसके बाद यह जिम्मेदारी कमाल अख्तर को सौंपी गई थी.