टूटे सोफे, सीलन वाली दीवारें... शंकराचार्य के शिष्य NDTV से बोले-क्या इसे ही लैविश आश्रम कहते हैं?

आश्रम में रहने वाली भूमिका द्विवेदी के आरोपों पर अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य और दूसरे आरोपी चैतन्य मुकुंदानंद ने एनडीटीवी को आश्रम की सारी व्यवस्था दिखाई. उन्होंने बताया कि भूमिका को किताब लिखने के लिए 5-6 दिन ही आश्रम में रहने की अनुमति दी गई थी, लेकिन वह एक महीने तक यहां रहीं. उसके बाद उनसे जाने को कहा गया था.

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यौन शोषण के आरोपों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद.
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  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आश्रम पर लगे यौन शोषण के आरोपों पर कोई टिप्पणी करने से साफ मना कर दिया
  • उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी के लैपटॉप में मौजूद सामग्री को सार्वजनिक करने की चुनौती पुलिस और मीडिया को दी
  • आश्रम की व्यवस्था दिखाते हुए मुकुंदानंद ने भूमिका द्विवेदी के आरोपों पर विद्या मठ का खस्ताहाल बताया
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लखनऊ:

यौन शोषण के आरोपों के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एनडीटीवी के सामने आश्रम पर लगे आरोपों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि गंगा किनारे बने इस आश्रम में बटुक शिक्षा दीक्षा लेते हैं. जो लोग ये कह रहे हैं कि ये बहुत लैविश आश्रम है, वो आकर देख लें, इससे ज़्यादा क्या कहें. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष महाराज पर कहा कि क्या वे जांच अधिकारी हैं या अधिकारियों के प्रवक्ता हैं. फिर वे किस अधिकार से जांच के बारे में खुलासे कर रहे हैं.

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लैपटॉप सार्वजनिक क्यों नहीं कर देते?

उन्होंने कहा कि क्या पुलिस के पास कोई प्रवक्ता नहीं है, जो वह एक हिस्ट्रीशीटर का सहारा ले रही है. आशुतोष महाराज के लैपटॉप पर उन्होंने कहा कि बंद मुट्ठी लाख की, खुल गई तो ख़ाक की. अगर लैपटॉप में कुछ है तो मैं चुनौती देता हूं कि वो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं कर देते. वह पहले सीडी की बात कह रहे थे और अब लैपटॉप दिखा रहे हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि विवेचना के दौरान वो सब कुछ बता रहे हैं लेकिन लैपटॉप सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे.

 उन्होंने मीडिया पर सवाल खड़ा करते हुए आशुतोष महाराज को हिस्ट्रीशीटर करार देते हुए कहा कि वह जो पूछ रहे हैं,  मीडिया उनके सवाल का जवाब शंकराचार्य से मांग रही है. उन्होंने कहा कि जहां तक रही मेरी और डिप्टी सीएम की बात है तो कौन है जो हमारी बातचीत के रिकॉर्ड उनको भेज रहा है. अग्रिम ज़मानत याचिका पर उन्होंने कहा कि कोर्ट अपने हिसाब से क़ानूनी कार्रवाई करेगा.

आश्रम दिखाया, भूमिका के बारे में भी बताया

आश्रम में रहने वाली भूमिका द्विवेदी के आरोपों पर अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य और दूसरे आरोपी चैतन्य मुकुंदानंद ने एनडीटीवी को आश्रम की सारी व्यवस्था दिखाई. उन्होंने बताया कि भूमिका जिस परिवार से आती हैं, उनके पिता स्वामी स्वरूपानंद जी के शिष्य थे. उनके रेफरेंस से वह आश्रम आई थीं. उन्हें किताब लिखने के लिए 5-6 दिन आश्रम में रहने की अनुमति दी गई. वो एक महीने तक यहां रह चुकी थीं. उसके बाद ही उनसे आश्रम से जाने को कहा गया. 

मुकुंदानंद ने बताया कि उनको आश्रम से हटाने का वीडियो भी बनाया गया. उन्होंने कहा कि आश्रम में शंकराचार्य स्वरूपानंद जी की अवस्था की वजह से लिफ्ट लगाई गई थी. उनका वजन ज़्यादा होने की वजह से स्विमिंग पूल बनवाया गया था. उसमें औषधि डालकर उन्हें चलाया जाता था. प्रत्येकचैतन्यमुकुंदानंद ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से हम आश्रम को कैमरे में नहीं दिखा सकते लेकिन कोई आश्रम देखना चाहे तो देख सकता है.

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विद्या मठ आश्रम की सीलन वाली दीवारें दिखाईं

उन्होंने विद्या मठ आश्रम की सीलन वाली दीवारें, टूटे सोफे और उजड़ी हुई पेंटिंग वाले शटर दिखाते हुए कहा कि ये खस्ताहाल किसी लैविश लाइफ की केटेगरी में नहीं गिना जा सकता. उनसे पहले विद्या मठ आश्रम के मीडिया प्रभारी संजय ने बताया कि आश्रम में ग्राउंड फ्लोर बेसमेंट में बना है. इसके ऊपर के तल पर बटुकों की पढ़ाई होती है, उसके ऊपर बटुकों के रहने की व्यवस्था है और सबसे ऊपर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी रहते हैं.
 

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