उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में चील्ह थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो फॉर्च्यूनर गाड़ियों को जब्त किया गया है. गाड़ी से रुपयों से भरा एक बैग बरामद किया है, जिसमें कैश की मात्रा करोड़ों में बताई जा रही है. नगर मजिस्ट्रेट की निगरानी में चील्ह थाने पर बैंक से मंगाई गई मशीनों द्वारा नोटों की गिनती की जा रही है. फिलहाल पुलिस दोनों गाड़ियों के मालिकों का पता लगाने और रुपयों के स्रोत की जांच करने में जुटी है. (बृजेंद्र दुबे की रिपोर्ट)
यूपी के मिर्ज़ापुर जिले में दो फॉर्च्यूनर गाड़ियों से भारी मात्रा में कैश बरामदगी के मामले में देर शाम बड़ा अपडेट सामने आया है. चील्ह थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान जब्त की गई इस रकम की गिनती पूरी होने के बाद, प्रशासन ने इसे आगे की कार्रवाई के लिए आयकर विभाग को सुपुर्द कर दिया है.
ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के हैं रुपये
जांच में सामने आया है कि बरामद हुए करोड़ों रुपये ट्रांसपोर्ट और ट्रेवल्स व्यवसायियों के हैं. यह कैश अभिनीत बंसल और भारत सिंह नाम के व्यवसायियों की गाड़ियों से बरामद किया गया है. ये गाड़ियां मिर्ज़ापुर की तरफ आ रही थीं, तभी चील्ह पुलिस ने इन्हें चेकिंग के दौरान रोक लिया.
अधिकारियों ने छिपाया सटीक आंकड़ा
नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार की निगरानी और आयकर विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में चील्ह थाने पर बैंक से मंगाई गई मशीनों द्वारा नोटों की गिनती की गई. हालांकि, प्रशासन ने अभी तक बरामद हुए रुपयों के सटीक आंकड़ों का खुलासा मीडिया के सामने नहीं किया है. नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने कहा कि रुपयों के आंकड़ों के बारे में अभी सार्वजनिक रूप से बताने की आवश्यकता नहीं है.
नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार के अनुसार "चेकिंग के दौरान चील्ह पुलिस ने दो बैगों में भरा कैश बरामद किया था. यह रुपया अभिनीत बंसल और भारत सिंह की गाड़ियों से मिला है. कैश को जब्त कर आयकर विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है. यदि व्यवसाई इस रकम को अर्जित करने के वैध साक्ष्य (Proof) पेश करते हैं, तो विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा."
आयकर विभाग करेगा अगली कार्रवाई
पुलिस और प्रशासन ने अपना काम पूरा करते हुए पूरी रकम को ब्लैक मनी (काले धन) के संदेह में इनकम टैक्स के हवाले कर दिया है. अब यह पूरा मामला आयकर विभाग की विंग देखेगी. यदि दोनों व्यवसाई पैसों का सही सोर्स और टैक्स से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा पाए, तो उन पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
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