- उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र नौ फरवरी से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा.
- वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 11 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा.
- सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे क्षेत्र को 4 जोनों और दस सेक्टरों में बांटकर पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है.
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा. राज्यपाल विधानसभा मंडप में दोनों सदनों को एक साथ संबोधित करेंगी. दोनों सदनों के प्रमुख सचिवों ने शनिवार को इसकी अधिसूचना जारी की है. वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 11 फरवरी को पेश किया जाएगा.
विधानसभा सत्र के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है. संपूर्ण सुरक्षा घेरे को 4 जोनों में विभाजित किया गया है, जिसकी कमान एसपी (SP) स्तर के अधिकारियों के हाथों में होगी. इसके अतिरिक्त, पूरे क्षेत्र को 10 सेक्टरों में बांटकर डिप्टी एसपी (DSP) तैनात किए गए हैं.
सिविल पुलिस के साथ 6 कंपनी पीएसी (PAC) और आरएएफ (RAF) की टीमें मुस्तैद रहेंगी. साथ हीचप्पे-चप्पे पर एक्सेस कंट्रोल के लिए पर्याप्त संख्या में DFMD और HHMD लगाए गए हैं. वहीं, LIU की टीमें सादे कपड़ों में रहकर संदिग्ध गतिविधियों और चेकिंग-फ्रिस्किंग पर पैनी नजर रखेंगी. विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि नौ फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे राज्यपाल दोनों सदनों को संबोधित करेंगी. इससे पहले बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नौ फरवरी से सत्र शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.
वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बृहस्पतिवार को बताया था कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र नौ फरवरी से शुरू होगा और राज्य का बजट 11 फरवरी को पेश किया जाएगा. खन्ना ने कहा कि सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से होगी. उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और बजट 11 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे पेश किया जाएगा.
आगामी विधानसभा सत्र को निर्बाध रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक अभेद्य सुरक्षा चक्र और सुगम यातायात योजना तैयार की है. यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने हेतु 4 सेक्टरों में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो पूर्व-निर्धारित डायवर्जन प्लान के माध्यम से सामान्य आवाजाही को नियंत्रित कर विधानसभा के आसपास सुगम मार्ग सुनिश्चित करेंगे. परिसर और उसके आसपास के हर कोने पर नजर रखने के लिए एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहाँ पुलिस और रेडियो विभाग के विशेषज्ञ 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए लाइव मॉनिटरिंग करेंगे.
किसी भी आपातकालीन या आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एटीएस (ATS) की विशेष टीम, क्यूआरटी (QRT) और रिजर्व पुलिस बल को 'ऑन-अलर्ट' मोड पर रखा गया है. इसके समानांतर, एलआईयू (LIU) की टीमें खुफिया सूचनाएं जुटाने के लिए सक्रिय हैं, ताकि कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी अधिसूचना पर तत्काल प्रभारी अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जा सके. साथ ही, कमिश्नरेट की सोशल मीडिया टीम भी राउंड-द-क्लॉक निगरानी कर रही है ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की खुराफात या भ्रामक खबरों को रोककर शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके. प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल और तकनीकी संसाधनों के साथ यह सुनिश्चित किया है कि पूरा सत्र सुरक्षा और व्यवस्था के मानकों पर सफल रहे.












