- उत्तर प्रदेश पुलिस ने मेटा के अलर्ट पर इटावा में मात्र नौ मिनट में युवक की जान बचाई, जो आत्महत्या कर रहा था
- युवक ने फेसबुक पर पत्नी से विवाद के कारण आत्महत्या की इच्छा व्यक्त की थी, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई
- मेटा कंपनी ने यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर को युवक की लोकेशन ट्रेस कर तत्काल सहायता का ईमेल अलर्ट भेजा
उत्तर प्रदेश पुलिस और सोशल मीडिया दिग्गज 'मेटा' (Meta) के बीच का तकनीकी समन्वय एक बार फिर किसी के घर का चिराग बुझने से बचाने में मददगार साबित हुआ है. पुलिस मुख्यालय लखनऊ से मिले त्वरित निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए इटावा पुलिस ने मात्र 9 मिनट के भीतर एक 38 वर्षीय युवक के पास पहुंचकर उसकी जान बचा ली.
फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ घटनाक्रम
मामला 22 मई 2026 का है. इटावा जनपद के थाना जसवंतनगर निवासी एक 38 वर्षीय युवक का अपनी पत्नी से काफी समय से विवाद चल रहा था. इस पारिवारिक कलह और तनाव के कारण युवक ने फेसबुक पर अपनी और पत्नी की तस्वीर साझा करते हुए एक भावुक पोस्ट लिखा-"मैं हार गया हूं भैया, मैं क्लेश सहन नहीं कर सकता, आज मैं अपनी ज़िन्दगी ख़त्म कर रहा हूं, सभी से हाथ जोड़कर विनती है, मुझसे हुई गलती को माफ कर देना."
आधी रात को मेटा का अलर्ट और पुलिस की सक्रियता
युवक द्वारा पोस्ट साझा किए जाने के तुरंत बाद 21/22 मई 2026 की रात ठीक 12:31 बजे मेटा कंपनी की ओर से यूपी पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को एक आपातकालीन ई-मेल अलर्ट प्राप्त हुआ. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक उ0प्र0, श्री राजीव कृष्ण ने तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए. मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर ने मेटा द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर की मदद से युवक की सटीक लोकेशन ट्रेस की और बिना वक्त गंवाए जनपद इटावा पुलिस को मामले की जानकारी दी.
मात्र 9 मिनट में रेस्क्यू: बाग की तरफ जा रहा था युवक
मुख्यालय से इनपुट मिलते ही थाना जसवंतनगर के उप-निरीक्षक (SI) अपनी टीम के साथ महज 9 मिनट के रिकॉर्ड समय में युवक के घर पहुंच गए. जब पुलिस ने परिजनों को फेसबुक पोस्ट दिखाकर युवक के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि वह अभी-अभी घर से बाहर निकला है. खतरे को भांपते हुए पुलिसकर्मी तुरंत युवक के पीछे दौड़े. कुछ ही दूरी पर वह बाग की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया. पुलिस टीम ने उसे रोका, शांत कराया और समझा-बुझाकर वापस घर लेकर आए.
काउंसलिंग के बाद युवक ने मानी गलती
पूछताछ में ग्रेजुएट पास और पेशे से फोटोग्राफर इस युवक ने स्वीकार किया कि वह पत्नी से विवाद के कारण अत्यधिक मानसिक तनाव में था. इसी वजह से उसके मन में आत्महत्या का विचार आया और वह बाग में आत्मघाती कदम उठाने ही जा रहा था. पुलिस ने युवक की उचित काउंसलिंग की, जिसके बाद उसने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का वादा किया. युवक के परिजनों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की इस तत्परता और संवेदनशीलता के लिए दिल से आभार व्यक्त किया है.
धरातल पर रंग ला रही है यूपी पुलिस की यह अनूठी पहल
उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच साल 2022 से यह विशेष व्यवस्था लागू है. इसके तहत यदि कोई भी व्यक्ति फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ा कोई कंटेंट पोस्ट करता है, तो मेटा तुरंत ईमेल और फोन के जरिए यूपी पुलिस को अलर्ट भेजता है.
सफलता के आंकड़े और पुरस्कार
2886 जिंदगियां सुरक्षित: इस जीवन रक्षक पहल के अंतर्गत 1 जनवरी 2023 से 20 मई 2026 के बीच यूपी पुलिस अब तक कुल 2,886 लोगों की जान बचा चुकी है.
राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान: तकनीक के इस बेहतरीन इस्तेमाल के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को प्रतिष्ठित SKOCH Award-2025 तथा The Economic Times GovTech Awards-2026 से भी सम्मानित किया जा चुका है.
यह भी पढ़ें- IAS छोड़ने के बाद अभिषेक सिंह ने सैकड़ों युवाओं को यूं दिलाई नौकरी, क्या जौनपुर में तैयार कर रहे चुनावी जमीन?
यह भी पढ़ें- चार सगे भाई-बहन बने पुलिस कांस्टेबल, आखिर किसान परिवार ने कैसे लिखी सफलता की चौंकाने वाली कहानी?
यह भी पढ़ें- IAS रिया सैनी कौन हैं? PM मोदी के क्षेत्र वाराणसी में मिली पहली पोस्टिंग, भाई ने NDTV से शेयर की पूरी कहानी
यह भी पढ़ें- IAS लव स्टोरी: 1300 KM दूर से आया UPSC वाला प्यार! सरकार ने एक ही जिले में दे दी पोस्टिंग













