- कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में बच्चे सफेद पाउडर को गुलाल समझकर खेल रहे थे, जो विस्फोटक निकला
- बच्चे पाउडर को घर ले आए और खेलते हुए आग के पास जाने पर जोरदार धमाका हो गया जिससे वे झुलस गए
- चार बच्चे गंभीर रूप से झुलसे और उन्हें उर्सला अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक एसी घटना सामने आई है, जिसके बारे में सुनकर आप भी सिहर उठेंगे. जिस सफेद पाउडर से मासूम बच्चे गुलाल समझकर खेल रहे थे वो तो विस्फोटक निकला. आग के संपर्क में आते ही उसमें इतना जोरदार दमाका हुआ कि हंसी-की आवाज अचानक चीख पुकार में बदल गई. बच्चे बुरी तरह झुलस गए और अस्पताल के बर्न विभाग में भर्ती हैं. दिल दहलादेने वाला मामला कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र का है.
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जिसे सफेद पाउडर समझा वो तो ज्वलनशील पदार्श निकला
7 से 8 साल की उम्र के कुछ बच्चे रविवार सुबह सफेद पाउडर से खेल रहे थे. उनको नहीं पता था कि ये पाउडर विस्फोटक है. पाउडर के आग के संपर्क में आते ही इसमें जोरदार धमाका हो गया. इस हादसे में 7 से 8 साल की उम्र के चार बच्चे बुरी तरह झुलस गए. घटना के बाद इलाके में हाहाकार मच गया. झुलसे हुए बच्चों को आनन-फानन में उर्सला अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया, सभी की हालत गंभीर बनी हुई है.
हाईवे के किनारे से उठाए पाउडर से झुलसे बच्चे
सचेंडी की एक बस्ती में रहने वाले चार बच्चे कृष्णा, ऋषि, करिया और निहाल हर सुबह की तरह रविवार सुबह करीब 10 बजे शौच के लिए घर से निकले थे. वापसी के दौरान उनकी नजर हाईवे के किनारे पड़ी एक पॉलीथिन पर पड़ी. बच्चों ने जाकर पॉलीथिन खोली तो उसके अंदर सफेद रंग का राख जैसा पाउडर था. बच्चों को लगा कि ये होली का रंग या गुलाल है. वे उसे घर ले आए और एक-दूसरे के ऊपर उड़ाकर होली खेलने लगे.
आग के पास जाते ही हुआ धमाका
इसी दौरान करिया नाम का बच्चा उस सफे पाउडर से सना हुआ घर के पास जल रहे अलाव (आग) के करीब पहुंचा. जैसे ही पाउडर आग के संपर्क में आया, एक जोरदार धमाका हुआ. धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग सहम गए. वह कुछ समझ ही नहीं पाए. इतने में करिया समेत वहां मौजूद चारों बच्चे बुरी तरह झुलस गए.
आग में बुरी तरह झुलसे बच्चे
करिया की मां विमला का रो-रोकर बुरा हाल है. महिला ने कहा कि विस्फोट की वजह से उसके दो बच्चे और उनके साथ खेल रहे दो अन्य बच्चे बुरी तरह झुलस गए हैं. इस घटना की सूचना दोपहर करीब 1 बजे सचेंडी पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही डीसीपी कासिम आबिदी पुलिस बल और फील्ड यूनिट के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे.
हाईवे के किनारे खतरनाक सामग्री आई कहां से?
डीसीपी कासिम आबिदी ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि बच्चे हाईवे के पास से मिली जिस पॉलीथिन को राख समझकर घर लाए थे, वह दरअसल कोई ज्वलनशील या विस्फोटक रासायनिक पदार्थ था. पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है कि आखिर वह सफेद पाउडर क्या था? और रिहायशी इलाके के पास या हाईवे के किनारे इतनी खतरनाक सामग्री कौन फेंक कर गया? फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने एकत्र कर लिए हैं. फिलहाल, चारों बच्चों का इलाज उर्सला अस्पताल में चल रहा है. डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चों के शरीर का काफी हिस्सा झुलस चुका है. उनका इलाज चल रहा है.














