- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के गौरा डांडा गांव में पशुपालक लालाराम ने अपनी बकरियों का जन्मदिन भव्यता से मनाया
- जन्मदिन के जश्न के लिए गांव में कार्ड बांटे गए और ग्रामीणों को निमंत्रण पत्र भेजकर आमंत्रित किया गया था
- कार्यक्रम में रामायण और भागवत पाठ जैसे धार्मिक अनुष्ठान हुए, बकरियों को नहलाकर फूलों की माला पहनाई गई
हम और आप अक्सर अपने जन्मदिन के जश्न का वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करते हैं. सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन और कॉमेंट भी होते हैं,लेकिन अगर हम आपसे कहें कि ऐसा ही एक वीडियो बकरियों के बर्थडे का भी वायरल हो रहा है तो शायद आप चौंक जाएं. आपने शायद ही बकरियों का जन्मदिन मनाता वीडियो देखा हो,लेकिन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बकरियों का बड़े धूमधाम से जन्मदिन मनाया गया. इसके लिए बकरी के मालिक ने गांव भर में कार्ड भी बांटे थे.
बकरियों के बर्थ डे के लिए पूरे गांव में बांटे थे कार्ड
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बकरियों का बर्थडे मनाने का अनोखा वीडियो वायरल हो रहा है. यहां सदर तहसील के गौरा डांडा गांव में रहने वाले पशुपालक लालाराम श्रीवास्तव ने अपनी दो बकरियों,स्वीटी' और 'मोनिका' का जन्मदिन किसी उत्सव की तरह मनाया. इसके लिए बकायदा गांव भर में कार्ड भी बांटे गए थे.यह कोई साधारण आयोजन नहीं था बल्कि इसमें पूरे रीति-रिवाज,भक्ति और भव्यता का संगम देखने को मिला.
इस कार्यक्रम के लिए लालाराम ने बाकायदा निमंत्रण पत्र छपवाकर ग्रामीणों को आमंत्रित किया था.जश्न की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठानों से हुई जिसमें गांव में रामायण और भागवत पाठ का आयोजन किया गया.बकरियों को नहला-धुलाकर फूलों की मालाएं पहनाई गईं और नए कपड़े भी पहनाए, वहीं इस जन्मदिन की पार्टी के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं.
डीजे की धुनों पर थिरके युवा
माहौल तब और रंगीन हो गया जब डीजे की धुनों पर गांव के बच्चे,युवा और बुजुर्ग जमकर थिरके.दरअसल 14 फरवरी की रात लालाराम ने इस मौके पर करीब 200 लोगों के लिए शानदार दावत का इंतजाम किया था खास बात यह है कि पिछले साल भी उन्होंने इसी तरह 300 मेहमानों को बुलाकर जश्न मनाया था और 51 कन्याओं को भोज कराया था.
ग्रामीण सोनू का कहना है कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि लालाराम के अटूट पशु-प्रेम की मिसाल है.स्वीटी और मोनिका उनके परिवार का हिस्सा हैं.आज के दौर में जहां लोग अपनों को भूल जाते हैं,वहीं लालाराम का यह अनोखा कदम समाज को बेजुबानों के प्रति संवेदनशीलता और प्रेम का बड़ा संदेश दे रहा है.














