- देवरिया के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने आत्महत्या कर ली थी, सुसाइड नोट में बीएसए और क्लर्क पर गंभीर आरोप
- बीएसए और क्लर्क पर बहाली के नाम पर 20 लाख रुपये की मांग करने और धमकी देने का आरोप है
- पुलिस ने दोनों आरोपियों को निलंबित कर तीन टीमों का गठन कर उनकी तलाश शुरू की है तथा दस हजार रुपए का इनाम घोषित
देवरिया में तैनात शिक्षक की आत्महत्या के मामले में फरार चल रहीं बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गोरखपुर के एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है. शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने 21 फरवरी को गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में आत्महत्या कर ली थी. मरने से पहले उन्होंने 4 पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो बनाया, जिसमें दोनों अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए. आरोपों के बाद बीएसए और क्लर्क को शासन के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया था, लेकिन तब से ही दोनों फरार हैं.
बहाली के नाम पर 20 लाख की मांग का आरोप
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह के सुसाइड नोट के अनुसार शिक्षक ने आरोप लगाया था कि बहाली और अनुकूल प्रविष्टि के नाम पर बीएसए और क्लर्क ने उससे 20 लाख रुपए की मांग की थी. 3 शिक्षकों से 16-16 लाख रुपए पहले ही ले लिए गए थे और बाकी रकम के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था. 20 फरवरी को शिक्षक को ऑफिस में बुलाकर अपमानित किया गया और प्रतिकूल रिपोर्ट की धमकी दी गई. इससे मानसिक रूप से आहत होकर उन्होंने जान देने का फैसला लिया. परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
गुलरिहा क्षेत्र में भाई के घर रहते थे मृतक शिक्षक
37 वर्षीय मृतक शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह मूल रूप से कुशीनगर के कुबेरस्थान क्षेत्र के हरैया गांव के रहने वाले थे. वह देवरिया के गौरीबाजार विकासखंड के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में तैनात थे. गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर शाहबाजगंज में अपने बड़े भाई अवधेश सिंह के साथ रहते थे. 21 फरवरी की सुबह लगभग 6:30 बजे उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.
सुसाइड वीडियो में BSA और क्लर्क पर लगाए गंभीर आरोप
वीडियो में शिक्षक ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और क्लर्क संजीव सिंह पर घूस मांगने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि पत्नी के गहने बेचकर और बचत खाते से रकम निकालकर उन्होंने 16 लाख रुपये दिए थे. इसके बावजूद बाकी रकम के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था. उन्होंने वीडियो और सुसाइड नोट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए लिखा था और पूरे प्रकरण का विवरण दिया था. मृतक ने बताया कि बार-बार धमकी और प्रताड़ना से वह मानसिक रूप से टूट चुके थे.
पुलिस ने तीन टीमों को लगाया, फरार BSA और क्लर्क की तलाश जारी
गुलरिहा थाना पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 108/351(3)/61(2) व 7/12 के तहत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. आरोपी लिपिक संजीव सिंह पुत्र चंद्रभान सिंह निवासी वार्ड नं. 2 थाना कोतवाली, देवरिया और BSA शालिनी श्रीवास्तव पत्नी सौरभ सिन्हा निवासी सतनी सराय बड़ी मठिया, थाना कोतवाली, बलिया की तलाश के लिए तीन पुलिस टीमें बनाई गई हैं. दोनों की गिरफ्तारी न होने पर एसएसपी ने 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए दबिश और तेज कर दी गई है.
नियुक्ति विवाद और वेतन रोकने से शुरू हुआ था पूरा मामला
साल 2016 में कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, उनका वेतन 2022 में रोक दिया गया था. इनमें कृष्ण मोहन भी शामिल थे. हाईकोर्ट ने BSA को जांच कर बहाली और वेतन भुगतान का आदेश दिया था. आरोप है कि बहाली और अनुकूल प्रविष्टि के एवज में तीन शिक्षकों से 20-20 लाख रुपये मांगे गए. मृतक के सुसाइड नोट के अनुसार BSA ने बाबू के माध्यम से रकम की मांग की थी, जिनमें से 16 लाख रुपये मृतक पहले ही दे चुका था.














