सपा में सबकुछ ठीक है? कमाल अख्तर ने दिया मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा, सांसद रुचि वीरा से अनबन की चर्चा

कमाल अख़्तर का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल के दिनों में उनकी और मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा के बीच मतभेदों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में रही.

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विधायक कमाल अख्तर, सपा सांसद रुच‍ि वीरा.
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  • कमाल अख़्तर ने की अपने इस्तीफे की पुष्टि
  • कहा- यह फैसला पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया है
  • कमाल अख्‍तर करीब डेढ़ साल तक मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं

मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्‍तर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद से इस्तीफा दे दिया है. कमाल अख़्तर ने अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि यह फैसला पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी में समय-समय पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बदलाव होता रहता है. वह करीब डेढ़ साल तक मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं और अब पार्टी किसी दूसरे नेता को यह दायित्व सौंपेगी. उनका कहना है कि अब उनका पूरा ध्यान अपने विधानसभा क्षेत्र और आगामी चुनाव की तैयारियों पर रहेगा. 

कमाल अख़्तर का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल के दिनों में उनकी और मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा के बीच मतभेदों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में रही. इसी बीच पार्टी नेतृत्व ने लखनऊ में दोनों नेताओं के साथ बैठक भी की थी. हालांकि, कमाल अख़्तर ने इस्तीफे को संगठन का फैसला बताते हुए किसी तरह के विवाद पर टिप्पणी नहीं की. 

कमाल अख़्तर से पहले मनोज पांडे के पास थी ज‍िम्‍मेदारी 

जुलाई 2024 में कमाल अख़्तर को विधानसभा का मुख्य सचेतक बनाया गया था. इससे पहले यह जिम्मेदारी मनोज पांडे के पास थी. अब उनके इस्तीफे के बाद पार्टी जल्द ही नए मुख्य सचेतक के नाम का ऐलान कर सकती है. 

विवाद क्या है दोनों के बीच?

दरअसल रूचि वीरा के मुरादाबाद के सांसद बनने के कुछ समय के बाद से ही कमाल अख्तर के साथ उनके विवाद की खबरें आती रही हैं. हाल के महीनों में ये और बढ़ गया था. बताया जा रहा है कि शहर में रुचि वीरा की ओर से पार्टी के कई आयोजनों में जो पोस्टर लगाया जाता था उसमें कमाल अख्तर की तस्वीरें नहीं होती थी. कुछ ऐसा ही कमाल अख्तर और जिले के दूसरे सपा विधायकों के द्वारा आयोजित कार्यकर्मों में भी होता था. ऐसा माना जाता है कि रुचि वीरा आजम खान खेमे की हैं और कमाल अख्तर एसटी हसन खेमे के करीबी माने जाते हैं. इस वजह से भी दोनों के बीच खाई और चौड़ी होती जा रही है. आलम ये हो गया कि बीते दिनों खुद अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं को लखनऊ बुलाया था और फटकार भी लगाई थी.

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AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा, ''50% मुस्लिम बाहुल्य मुरादाबाद लोकसभा की सांसद रुची वीरा के दबाव में कमाल अख्तर को अखिलेश यादव ने मुख्य सचेतक के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया, जो बताता है कि समाजवादी पार्टी अपने मुस्लिम नेताओं को भी अपमानित करती है और मुसलमान को तो वह राजनीतिक अछूत बनाने का षडयंत्र बीजेपी के साथ मिलकर लगातार रच ही रही है. तो उत्तर प्रदेश का मुसलमान उनको सियासी डकैती डालने की अनुमति नहीं देगा.'' 

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