- सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यूपी के दोनों डिप्टी सीएम को 100 विधायक लाकर सीएम बनने का इशारों में ऑफर दिया है
- अखिलेश ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि 100 विधायक लाने वाला यूपी का मुख्यमंत्री बन सकता है
- बीजेपी नेताओं ने अखिलेश के बयान को लोकतंत्र का उपहास और उनकी राजनीतिक हताशा बताया है
उत्तर प्रदेश का राजनीतिक पारा एक बार फिर से चढ़ गया है, जिसकी वजह से बयानबाजी तेज हो गई है. वजह है सपा मुखिया अखिलेश यादव का वो ऑफर, जो उन्होंने इशारों ही इशारों में सीएम योगी के दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य को दिया है. सीएम योगी के जापान दौरे पर रवाना होने से पहले अखिलेश ने बिना नाम लिए बीजेपी के दोनों डप्टी सीएम को ऑफर देते हुए कहा कि 100 विधायक लाओ और सीएम बन जाओ. उन्होंने ये तो कहा कि 100 विधायक लाने वाला यूपी का सीएम बन सकता है, लेकिन इस दौरान उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया.
ये पहली बार नहीं है, विधानसभा सत्र के दौरान भी अखिलेश ने कुछ ऐसा ही कहा था. अब उनके इस बयान पर राजनीति पारा चढ़ गया है. बीजेपी ने भी अखिलेश पर पलटवार किया है.
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अखिलेश लोकतंत्र का उपहास उड़ा रहे
दिल्ली बीजेपी नेता आर.पी. सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव जब ये कहते हैं कि 100 विधायक लाओ और 1 हफ्ते के लिए मुख्यमंत्री बन जाओ तो वे राजनीति का और लोकतंत्र का उपहास उड़ा रहे हैं. उन्हें पता है कि वे कभी अपने दम पर तो मुख्यमंत्री बनने से रहे, इसलिए वे इस तरह से मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखते रहते हैं.
जनता अखिलेश को गंभीरता से नहीं ले रही
वहीं यूपी में बीजेपी के प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने अखिलेश के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उनका ये बयान उनकी राजनीतिक हताशा को दिखाता है. सपा अध्यक्ष जब भी टीवी पर आते हैं तो लोग उनको देखकर हंसने लगते हैं. गंभीर मुद्दों पर भी वह हंसते हैं, इसीलिए राज्य की जनता उनको गंभीरता से नहीं लेती है उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को विकास चाहिए न कि बयानबाजी.
अखिलेश यादव का 100 विधायकों वाला ऑफर
बता दें कि अखिलेश यादव का बयान ऐसे समय में आया है जब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार रात सिंगापुर और जापान दौरे पर रवाना होने वाले हैं. योगी के रवाना होने से पहले ही अखिलेश ने उनके दोनों डिप्टी सीएम को ऐसा ऑफर दे डाला, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल गरम हो गया है.













