नितिन नबीन और पंकज चौधरी की नियुक्त पर अखिलेश यादव लेकर आए PDA, सीनियर जूनियर पर क्यों लगा रहे हैं निशाना

सपा प्रमुख ने बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और यूपी बीजेपी के प्रमुख पंकज चौधरी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने इन दोनों नेताओं की वरिष्ठता पर सवाल उठाए हैं.

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नई दिल्ली:

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी के यूपी अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर निशाना साधा है.इस बार उन्होंने बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और यूपी बीजेपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी की वरिष्ठता को लेकर हमला बोला है. इस तरह उन्होंने पीडीए की राजनीति को तेज करने की कोशिश की है. 

अखिलेश यादव ने कैसे साधा बीजेपी पर निशाना

अखिलेश यादव ने शुक्रवार सुबह एक ट्वीट किया. उन्होंने लिखा,''5 बड़ा या 7? विधायक बड़ा या सांसद ? राज्य बड़ा या केंद्र ? राज्य सरकार का मंत्री बड़ा या केंद्र सरकार का? फिर सवाल ये है कि 5 बार के विधायक को भाजपाई राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाते हैं और 7 बार के सांसद को राज्य का अध्यक्ष.''

उन्होंने लिखा है,''इसका तर्क क्या है…दरअसल इसका कोई तर्क भाजपा के पास नहीं है… इसका कारण सिर्फ ये है कि प्रभुत्ववादी भाजपाई ये संदेश देना चाहते हैं कि PDA समाज का व्यक्ति कितना भी काबिल हो पर वो वर्चस्ववादियों के आगे एक सीमा से आगे नहीं बढ़ सकता है.''

सपा प्रमुख ने लिखा है कि भाजपा ने पीडीए समाज को नीचा दिखाने को लिए ये नया तरीका अपनाया है. ये अपमान पीडीए समाज अब और नहीं सहेगा…अब अपनी पीडीए सरकार बनाएगा, पीडीए को मान दिलाएगा.

बीजेपी में अध्यक्षों की नियुक्तियां

उल्लेखनीय है कि बीजेपी ने पिछले दिनों बिहार सरकार में मंत्री रहे और पांच बार के विधायक नितिन नबीन को अपना राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था. वो बिहार में बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं. कायस्थ जाति से आने वाले नबीन 2005 से पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं. वो बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. उनकी नियुक्ति को बीजेपी में पीढीगत बदलाव के रूप देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी ने पार्टी की कमान नई पीढ़ी को सौंप दी है. 

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नबीन की नियुक्ति से पहले पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष चुना गया था. वो निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे. कुर्मी जाति से आने वाले चौधरी इस समय नरेंद्र मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री हैं.चौधरी महाराजगंज लोकसभा सीट से सात बार लोकसभा का चुनाव जीते हैं. बीजेपी ने चौधरी को यूपी की कमान सौंपकर गैर यादव वोटों को साधने की कोशिश की है.

अखिलेश यादव इन्हीं दो नियुक्तियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं. उनका इशारा नितिन नबीन और पंकज चौधरी की जाति और वरिष्ठता को लेकर है. अखिलेश इस तरह के मुद्दे उठाकर सपा के पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. 

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