दो साल तक ‘मुर्दा’ रही प्रियंका, हत्या का कलंक झेलते रहे माता‑पिता, OTP ने खोला राज तो मचा हड़कंप!

प्रियंका प्रजापति दो साल तक घर छोड़कर राजस्थान में दूसरे व्यक्ति के साथ रह रही थीं, जबकि परिवार पर उनकी हत्या का झूठा कलंक लग गया. कोर्ट के आदेश पर पिता‑माता समेत चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज हुआ. आधार कार्ड OTP से राज खुला तो पुलिस ने प्रियंका को जिंदा बरामद किया, पर अब न पति और न पिता उसे अपनाने को तैयार हैं.

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  • बस्ती की प्रियंका को पुलिस ने दो साल पहले मृत घोषित किया था, जबकि वह जिंदा थी और राजस्थान में रह रही थी.
  • प्रियंका की अचानक वापसी से परिवार, पुलिस और गांव में सनसनी फैल गई, क्योंकि हत्या का मामला दर्ज था.
  • पति संदीप पर प्रियंका की हत्या का आरोप था और उसके पिता समेत 4 के खिलाफ हत्या व सबूत मिटाने का केस दर्ज हुआ था.
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उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में उस वक्त सनसनी फैल गई जब पुलिस रिकॉर्ड में मृत घोषित की गई महिला प्रियंका प्रजापति अचानक थाने में जिंदा पहुंच गई. दो साल से जिसकी हत्या की जांच पुलिस कर रही थी, वही महिला एकदम सही‑सलामत दूसरे राज्य में अपने नए साथी के साथ रह रही थी. प्रियंका की वापसी ने परिवार, पुलिस और गांव- सभी के लिए बड़ा झटका पैदा कर दिया.

दो साल पुरानी 'हत्या', जिसका कोई शव ही नहीं था

कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पिलखायें गांव की प्रियंका प्रजापति की शादी 2017 में बस्ती के संदीप से हुई थी. 8 साल तक सबकुछ सामान्य चला- एक बेटा भी हुआ. लेकिन रिश्तों में खटास आने पर 1 जुलाई को प्रियंका लाखों के जेवर लेकर मायके पहुंची और फिर कुछ ही घंटों बाद बच्चे सहित घर से निकल गई.

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कई बार आत्महत्या की कोशिशें नाकाम होने के बाद वह अयोध्या पहुंची, जहां उसकी मुलाकात राजस्थान के मंगल चंद्र से हुई. वहीं से उसकी नई जिंदगी की शुरुआत हुई और वह प्रियंका मंगल चंद्र के साथ राजस्थान जाकर पति‑पत्नी की तरह रहने लगी.

इधर पति को बताया गया-'तुम्हारी पत्नी की हत्या हो चुकी है'

प्रियंका के अचानक गायब होने से पति संदीप परेशान था. मायके वालों से पूछताछ में कुछ लोगों ने संदीप को उल्टा यह कह दिया कि प्रियंका और उसके बच्चे की हत्या कर पिता ने शव सरयू नदी में फेंक दिया.

इसके बाद संदीप कोर्ट पहुंचा. 4 नवंबर 2024 को कोर्ट के आदेश पर कप्तानगंज थाने में प्रियंका के पिता दयाराम, मां सुभावती देवी, चचेरी बहन संजना और ग्रामीण अशोक मौर्य के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने का गंभीर केस दर्ज हो गया. इस तरह चार निर्दोष लोग दो साल तक अपनी ही बेटी की कथित हत्या के कलंक से जूझते रहे.

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OTP ने खोला राज, पुलिस राजस्थान पहुंची

समय बीतता गया, लेकिन संदीप को एक शक बराबर बना रहा- प्रियंका कहीं जिंदा तो नहीं? शक तब हकीकत में बदल गया जब एक दिन संदीप के मोबाइल पर प्रियंका के आधार कार्ड में नाम‑फोटो अपडेट करने के लिए ओटीपी आया. यही OTP इस पूरे रहस्य की सबसे बड़ी चाबी साबित हुआ. सक्रिय हुई पुलिस राजस्थान पहुंची और प्रियंका को जिंदा बरामद कर लिया. दो साल तक 'मृत' रही और हत्या की गुत्थी बन चुकी प्रियंका अब जिंदा होकर सबके सामने थी.

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अब न पति अपनाने को तैयार, न पिता- प्रियंका ने चुना ‘नया पति'

पुलिस रिकॉर्ड में अब जिंदा प्रियंका के सामने एक और संकट खड़ा हो गया है. उस बेटे ने उसे मां मानने से इनकार कर दिया, पिता‑माता दो साल तक हत्या के आरोप झेलते रहे, और पति संदीप अब उसे साथ रखना नहीं चाहता. प्रियंका ने भी स्पष्ट कह दिया है कि वह अब अपने दूसरे पति मंगल चंद्र के साथ ही रहना चाहती है.

पुलिस क्या कह रही है?

एएसपी श्यामकांत के अनुसार 2024 में हत्या का केस कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था. अब प्रियंका को जिंदा पाया गया है और उसका कोर्ट में बयान हो चुका है. मामले की दोबारा जांच जारी है. बच्चे की कस्टडी को लेकर भी कानूनी प्रक्रिया चल रही है.

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'अपनाने का सवाल ही नहीं'

इस मामले पर प्रियंका प्रजापति ने कहा कि मैं जिंदा हूं और अपनी मर्जी से रहना चाहती हूं. वहीं उसके पति संदीप ने कहा कि पत्नी के झूठ में पूरा परिवार दो साल तक जलता रहा. अब उसे अपनाने का सवाल नहीं है. प्रियंका के पिता दयाराम ने कहा कि जिस बेटी के लिए हत्या का दाग झेला, वही आज हमें छोड़ चुकी है.

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