प्रयागराज की अलग और अनोखी कपड़ा फाड़ होली, ये न खेली तो क्या खाक होली खेली

प्रयागराज की कपड़ा फाड़ होली का एक अलग ही क्रेज है. कपड़ा फाड़ होली खेलने के लिए प्रयागराज शहर से ही नहीं बल्कि प्रदेशभर से भी लोग यहां जुटते है और मस्ती और रंगों से सराबोर होकर पानी के फुव्वारे के बीच नाचते है.

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पूरे देश में जहां रंगों का त्यौहार होली बड़े ही धूमधाम से मनाया गया. वहीं, संगम नगरी प्रयागराज में होली का त्यौहार एक अलग ही अनूठे अंदाज में मनाया जाता है. प्रयागराज में दो दिन होली खेली जाती है. प्रयागराज की कपड़ा फाड़ होली का एक अलग ही क्रेज है. कपड़ा फाड़ होली खेलने के लिए प्रयागराज शहर से ही नहीं बल्कि प्रदेशभर से भी लोग यहां जुटते है और मस्ती और रंगों से सराबोर होकर पानी के फुव्वारे के बीच नाचते है. प्रयागराज में बुधवार को कपड़ा फाड़ होली खेली गई और आज भी खेली जाएगी. हालांकि बुधवार को कपड़ा फाड़ होली का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया. 

होली के मौके पर होलियारों की टोलियां रंग में सराबोर नजर आती है तो वहीं प्रयागराज में दो दिन तक खेले जाने वाले होली के त्यौहार की खास पहचान है. प्रयागराज के चौक इलाके में बुधवार को कपड़ा फाड़ होली का आयोजन किया गया, जिसमें लोग एक दूसरे को रंग और अबीर गुलाल लगाकर होली की मस्ती में डूबे नजर आए. चौक इलाके में लोकनाथ पर होल्यारे जमकर कपड़ा फाड़ होली खेलते है. बुधवार को फिल्मी गीतों पर लोग कपड़ा फाड़ होली के बीच झूमते नजर आए. होली खेले रघुबीरा और नाकाबंदी जैसे गानों के बीच लोगों को रंगों से सराबोर करने के लिए सड़क के उपर फव्वारे से रंगों की बौछार की गई. इसके अलावा पानी की तेज धार से भी बौछार की गई, जिसका लोगों ने जमकर लुत्फ उठा उठाया.  

बुधवार को हालांकि मुख्य रूप से कपड़ा फाड़ होली का आयोजन किया गया और आज गुरुवार को भी लोग कपड़ा फाड़ होली खेलेंगे. वैसे तो संगम नगरी प्रयागराज में होली का त्यौहार दो दिनों तक मनाया जाता है. दो दिन तक लोग चौक स्थित लोकनाथ की कपड़ा फाड़ होली खेलते है. प्रयागराज की कपड़ा फाड़ होली पूरे देश और दुनिया में मशहूर है. हालांकि प्रयागराज का एक ऐसा इलाका है, शहर का जहां तीसरे दिन होली खेली जाती हैं. ये इलाका चौक के ठठेरी बाजार है. 

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कहा जाता है कि प्रयागराज जो पहले इलाहाबाद के नाम से जाना जाता था, यहां कपड़ा फाड़ होली का आयोजन पहली बार 1957 में किया गया था. तब से इस मशहूर और अनोखी होली का आयोजन आजतक होता आ रहा है. मस्ती, उमंग और उल्लास के साथ खेले जाने वाली इस होली का लुत्फ शहरी लोगों के साथ ग्रामीण इलाके से जुड़े लोग भी उठाते है. पुराने सदा बाहर गानों से लेकर नए गानों के बीच लोग नाचने के साथ ही एक दूसरे के कपड़े फाड़ कर तारों पर टांगने के लिए फेंक देते है. चौक का लोकनाथ चौराहा कपड़ा फाड़ होली का ऐतिहासिक गवाह बनता है. प्रयागराज में होली का अनोखा धमाल बमुश्किल ही कहीं और देखने को मिलेगा.
 

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