- नोएडा सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों के बीच 460 मीटर लंबा एसी स्काईवॉक खुलने जा रहा है
- एसी स्काईवॉक में प्रति 50 मीटर पर दस ट्रैवेलटर लगाए गए हैं जो यात्रियों को आरामदायक सफर देंगे
- इस स्काईवॉक के खुलने से दोनों स्टेशनों के बीच यात्रा का समय मात्र पांच मिनट रह जाएगा
अगर आप नोएडा सेक्टर-51 (एक्वा लाइन मेट्रो) और सेक्टर-52 (ब्लू लाइन मेट्रो) के बीच सफर करते हैं तो ये खबर आपके बहुत काम की है. इस रूट पर यात्रा करने वालों को आज से बड़ी राहत मिलने वाली है. दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच पिछले लंबे समय से बन रहा एसी स्काईवॉक (स्वचालित मूविंग रैंप) बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है. 25 अगस्त, मंगलवार से इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. नोएडा अथॉरिटी ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है. बता दें कि इसके खुलने से एक्वा और ब्लू लाइन से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. यात्रियों को पैदल चलकर एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन नहीं जाना पड़ेगा.
नोएडा सेक्टर-51 से 52 मेट्रो के बीच एसी स्काईवॉक
बता दें कि यह एसी स्काईवॉक 460 मीटर लंबा है. इसे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तर्ज पर डिजाइन किया गया है. यह .5 मीटर प्रति सेकंड की स्पीड से चलेगा. इसमें 50-50 मीटर पर 10 ट्रैवलेटर लगाए गए हैं. खास बात यह है कि अब एक स्टेशन से दूसरे मेट्रो स्टेशन तक जाने के लिए एयरपोर्ट जैसी ट्रैवलेटर्स की सुविधा मिलेगी.
अब पैदल नहीं चलना पड़ेगा, सीढ़ियों के झंझट से आराम
अब तक सेक्टर 51 से सेक्टर 52 मेट्रो तक जाने के लिए या तो लोगों को पैदल चलना पड़ता था या फिर बाहर से रिक्शा और ऑटो लेना पड़ता था.ट्रैवलेटर्स चलने से रोजाना आवाजाही करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. उनको धूप में नहीं चलना पड़ेगा.जानकारी के मुताबिक, स्काईवॉक में पांच-पांच ट्रैवलेटर लगाए गए हैं. मतलब यह है कि चढ़ने के लिए 5 और उतरने के लिए भी पांच. इस सुविधा से यात्रियों तो मेट्रो की सफर से जाने और वापस आने में कोई दिक्कत नहीं होगी. उनको स्टेशन के नीचे भी अब नहीं उतरना पड़ेगा.
सेक्टर 51 से 52 मेट्रो जाने में लगेगा कितना समय?
स्काईवॉक शुरू होने से दोनों स्टेशनों के बीच आवाजाही में सिर्फ 5 मिनट लगेंगे. इससे ब्लू लाइन और एक्वा लाइन के बीच सफर करने वाले यात्रियों को इंटरचेंज करने में भी काफी सुविधा मिलेगी.पहले यह स्काईवॉक 16 अगस्त को खोला जाना था. लेकिन कुछ काम बाकी रहने की वजह से इसमें देरी हुई. लेकिन रक्षाबंधन से पहले ही यह खुलने जा रहा है.
ट्रैवलेटर चलने से मिलेगा आरामदाक सफर का अनुभव
अभी दोनों स्टेशनों के बीच आने-जाने के लिए पैदल चलने के साथ ही सीढ़ियां भी चढ़नी पड़ती हैं. ये दूरी 800 मीटर से ज्यादा हो जाती है. लेकिन स्काईवॉक शुरू होने से ये दूरी 480 मीटर होगी. ट्रैवलेटर चलने से सफर बहत आसान हो जाएगा.