अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में नए समीकरण, सपा सांसद बेटे को मैदान में उतारने पर अड़े

अयोध्या जिले की मिल्कीपुर (सुरक्षित) सीट सपा विधायक अवधेश प्रसाद के इस्तीफे के बाद खाली हुई है, वे लोकसभा चुनाव में फैजाबाद के सांसद चुने गए हैं.

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फैजाबाद के सपा सांसद अवधेश प्रसाद पहले मिल्कीपुर के विधायक थे.
लखनऊ:

उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव अगले दो-तीन महीनों के दौरान होंगे. इनमें से एक सीट अयोध्या जिले की मिल्कीपुर है. अयोध्या जिले की मिल्कीपुर (सुरक्षित) सीट सपा विधायक अवधेश प्रसाद के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. अवधेश प्रसाद फैजाबाद लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं. साल 2022 में अवधेश प्रसाद सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे. उनके सामने बीजेपी ने गोरखनाथ बाबा को अपना प्रत्याशी बनाया था. अवधेश प्रसाद ने गोरखनाथ बाबा को करीब 13 हजार वोटों से मात दी थी.  

अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट के आंकड़ों की बात करें तो यहां कुल वोटरों की संख्या 3,57,659 है. माना जाता है कि इसमें सबसे अधिक अनुसूचित जाति वर्ग के और दूसरे नंबर पर ओबीसी वर्ग के यादव वोटर हैं. मिल्कीपुर सीट पर सपा को अनुसूचित जाति वर्ग के पासी समाज के सबसे अधिक वोट मिलते रहे हैं. इसके अलावा यादव और मुस्लिम वोट सपा की मजबूती की बड़ी वजह मानी जाती है.

मिल्कीपुर सीट पर बीजेपी किस पर दांव लगाएगी, यह कहना अभी मुश्किल है लेकिन माना जा रहा है कि पासी समाज का कोई मजबूत चेहरा उतारकर बीजेपी यहां सपा का समीकरण बिगाड़ने की कवायद में जुटी है. वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद अपनी सीट पर अपने बेटे अजीत प्रसाद के लिए टिकट मांग रहे हैं. 

सपा के सूत्रों का दावा है कि पार्टी नहीं चाहती कि अवधेश प्रसाद के परिवार से कोई प्रत्याशी बने क्योंकि अगर उप-चुनाव में सपा सीट हारी तो लोकसभा चुनाव की जीत का स्वाद फीका हो सकता है. हालांकि सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि अवधेश प्रसाद किसी अपने बेटे के अलावा किसी और के नाम पर राजी नहीं हैं.

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