Kanpur Suicide News: उत्तर प्रदेश के कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के नजफगढ़ गांव में एक मां ने अपनी दो मासूम बेटियों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना ने न केवल पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल, घटना के तुरंत बाद परिजनों डायल-108 पर कई बार फोन किया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला.परिजन जब निजी साधन से सरसौल CHC पहुंचे, तो वहां के डॉक्टरों ने भी करीब 7 बार एंबुलेंस के लिए कॉल किया. लगभग एक घंटे की देरी के बाद एंबुलेंस मुहैया कराई गई, जिसकी वजह से किसी को भी बचाया नहीं जा सका.
मृतका चांदनी (35) की जिंदगी संघर्षों से भरी थी. 12 साल पहले उसकी शादी मैनपुरी निवासी राकेश से हुई थी, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही पति की प्रताड़ना और मारपीट शुरू हो गई. घरेलू हिंसा से तंग आकर चांदनी 5 साल पहले अपने मायके लौट आई थी. 3 साल पहले पंचायत के जरिए उसका तलाक हो गया. तब से चांदनी अपने पिता रामपाल के घर पर अपनी दो बेटियों, पायल (7) और ब्यूटी (5) के साथ रह रही थी. वह गांव में ही मजदूरी कर अपनी बेटियों की परवरिश कर रही थी, ताकि उन्हें एक बेहतर भविष्य दे सके, लेकिन इस इस बीच उन्होंने ये घातक कदम उठा लिया.
रास्ते में ही हो गई तीनों की मौत
चांदनी के भाई जितेंद्र ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 4 बजे वह शौच के लिए गए थे. जब 6 बजे लौटे, तो घर के बाहर भीड़ जुटी थी. अंदर जाकर देखा, तो चांदनी और उसकी दोनों बेटियां जमीन पर अचेत पड़ी थीं. उनके पास से जहरीला पदार्थ खाने के संकेत मिले. लिहाजा, आनन-फानन में परिजन उन्हें सरसौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए, जहां से उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया. हैलट पहुंचने पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया.
सिस्टम की लापरवाही जान पर भारी
इस दुखद घटना में सिस्टम की बड़ी लापरवाही को भी उजागर कर दी है. परिजनों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने डायल-108 पर कई बार फोन किया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला. जब वह निजी साधन से सरसौल CHC पहुंचे, तो वहां के डॉक्टरों ने भी करीब 7 बार एंबुलेंस के लिए कॉल किया. लगभग एक घंटे की देरी के बाद एंबुलेंस मुहैया कराई गई. परिजनों का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती और इलाज शुरू हो जाता, तो शायद चांदनी और उसकी बेटियों की जान बच सकती थी.
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घटना की सूचना मिलते ही एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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