- मेरठ के परीक्षितगढ़ में एक महिला को सऊदी अरब जाने से मना करने पर पति ने तीन तलाक दे दिया था
- पति और ससुराल वालों ने दबाव बनाकर महिला का हलाला कराया और फिर उसके देवर से निकाह कराया गया था
- महिला के देवर ने निकाह के कुछ दिनों बाद तलाक दे दिया और फिर महिला का पुनः पति से निकाह हुआ था
रिश्तों की मर्यादा और कानून को ताक पर रखकर एक महिला के साथ हैवानियत का मामला सामने आया है. मेरठ के परीक्षितगढ़ इलाके में एक विवाहिता को सिर्फ इसलिए तीन तलाक दे दिया गया क्योंकि उसने पति के साथ सऊदी अरब जाने से मना कर दिया था. इसके बाद 'हलाला' के नाम पर जो खेल खेला गया, उसने पीड़िता की जिंदगी को नर्क बना दिया है.
निकाह, विवाद और तीन तलाक
पीड़ित महिला शमा परवीन का निकाह 27 नवंबर 2022 को अमीनाबाद (बड़ा गांव) निवासी नाजिम के साथ हुआ था. शादी के कुछ समय बाद नाजिम अपनी पत्नी को लेकर सउदी अरब चला गया. एक साल बाद जब दोनों वापस लौटे, तो नाजिम ने दोबारा सउदी जाने की जिद की. शमा ने जब जाने से इनकार किया, तो ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की और पति नाजिम ने उसे तीन तलाक दे दिया.
हलाला के नाम पर देवर से निकाह कराया
महिला का आरोप है कि पति और ससुराल वालों (सास जुबेदा, ननद नाजमा और चचा ससुर हसमत) ने दबाव बनाकर उसका 'हलाला' कराया. इसके लिए शमा का निकाह उसके देवर रिजवान से कराया गया. निकाह के महज तीन-चार दिन बाद रिजवान ने भी उसे तलाक दे दिया, जिसके बाद दोबारा नाजिम से उसका निकाह कराया गया.
बच्चे को अपनाने से इनकार, थाने में 'लीपापोती' का आरोप
शमा ने एक बच्चे को जन्म दिया है, लेकिन अब पति नाजिम ने बच्चे को अपना मानने से साफ इनकार कर दिया है. पीड़िता का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की ओर से उसे न्याय मिलने के बजाय परेशान किया जा रहा है. शमा के मुताबिक, 15 दिसंबर 2025 को शिकायत करने के बावजूद दरोगा अजीत कुमार ने मामले में लीपापोती की और तहरीर बदल दी. आरोप है कि 16 फरवरी 2026 को थाने बुलाकर दरोगा ने निकाह का खर्चा लेकर खामोश बैठने का दबाव बनाया.
अधिकारियों ने क्या बताया?
इस गंभीर मामले पर पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच जारी है. परीक्षितगढ़ थाना प्रभारी सुधीर सिंह सिरोही ने कहा, "पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा है और मामला फिलहाल मिडिएशन सेंटर (सुलह केंद्र) में है. पुलिस जांच कर रही है और महिला को बयान के लिए बुलाया गया है." एसपी देहात अभिजीत कुमार ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है. फिलहाल शमा अपने मासूम बच्चे के साथ न्याय की आस में अधिकारियों की चौखट पर चक्कर काट रही है.














