स्कूल में 'ब्रेनवॉश' और नमाज पढ़ाने के आरोप में हेडमास्टर निलंबित, लेकिन ग्रामीणों ने पलट दी पूरी कहानी

मामला प्राथमिक विद्यालय नौहझील का है. यहां तैनात प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद के खिलाफ भाजपा के बाजना मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने मोर्चा खोला है. बीएसए मथुरा को सौंपे गए शिकायती पत्र में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मथुरा:

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. नौहझील स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर बच्चों का ब्रेनवॉश करने, जबरन नमाज पढ़वाने और राष्ट्रगान न गाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रधानाध्यापक को प्रथम दृष्टया दोषी मानकर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. हालांकि, ग्राउंड जीरो पर ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ की राय इससे बिल्कुल उलट है.

क्या है पूरा विवाद?

पूरा मामला प्राथमिक विद्यालय नौहझील का है. यहां तैनात प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद के खिलाफ भाजपा के बाजना मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने मोर्चा खोला है. बीएसए मथुरा को सौंपे गए शिकायती पत्र में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि जान मोहम्मद बच्चों को इस्लाम धर्म के प्रति प्रेरित करते हैं और उन्हें जबरन नमाज पढ़वाते हैं.

हिंदू धर्म का अपमान?

शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रधानाध्यापक हिंदू देवी-देवताओं के विरुद्ध जहर उगलते हैं और धर्म विशेष को लेकर अभद्र टिप्पणी करते हैं. यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रधानाध्यापक विद्यालय में राष्ट्रगान का गायन नहीं करते हैं.

BSA की कार्रवाई और जांच समिति

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने खंड शिक्षा अधिकारी की प्रारंभिक आख्या के आधार पर प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को निलंबित कर दिया है. निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें प्राथमिक विद्यालय नगला हुमायूं मांट में संबद्ध किया गया है.

प्रकरण की गहराई से जांच के लिए बीईओ छाता और मांट की दो सदस्यीय समिति गठित की गई है. समिति को एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. BSA ने कहा, "आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है. फिलहाल कोई वीडियो या फोटो साक्ष्य के रूप में नहीं मिले हैं, अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा."

दूसरी तस्वीर: ग्रामीणों और स्टाफ ने आरोपों को नकारा

जब इस मामले की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की गई, तो कहानी कुछ और ही नजर आई. स्कूल पहुंचने पर स्थानीय लोगों और स्टाफ ने प्रधानाध्यापक का पुरजोर समर्थन किया. ग्रामीणों ने बताया कि जान मोहम्मद इस स्कूल में पिछले 18 वर्षों से तैनात हैं और आज तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई. 

Advertisement

स्कूल के 8 स्टाफ सदस्यों में से 7 हिंदू समाज से हैं. सहायक अध्यापक कामना अग्रवाल ने आरोपों को 'निरर्थक और झूठा' बताते हुए कहा कि बिना जांच के ऐसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी. कक्षा 5 की छात्रा प्रियांशी ने कहा कि सर ने कभी गलत नहीं पढ़ाया, वे बहुत अच्छा शिक्षक हैं. स्कूल के बगल में रहने वाले स्थानीय निवासी संजय ने बताया कि स्कूल में रोजाना राष्ट्रगान होता है और ये पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बताया.
 

Featured Video Of The Day
भारत में Budget 2026 हुआ पेश तो क्यों बौखलाया Pakistan?