गाजियाबाद में 15 एकड़ में बने अवैध मदरसे को किया गया ध्वस्त, बागपत में भी मस्जिद पर चला बुलडोजर

उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों और बिना मान्यता के संचालित हो रहे धार्मिक व शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख लगातार जारी है. इसी क्रम में गाजियाबाद और बागपत जिलों में प्रशासनिक टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुधवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. गाजियाबाद के डासना और बागपत के बड़ौत में अवैध रूप से निर्मित मदरसों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया गया.

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गाजियाबाद में 15 एकड़ में बने अवैध मदरसे को किया गया ध्वस्त
Adnan

गाजियाबाद के डासना क्षेत्र के कल्लू गढ़ी में स्थित 'मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम' पर बुधवार को प्रशासन का बड़ा चाबुक चला. कोर्ट के आदेश और उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952 के तहत इस पूरे परिसर को ढहाने की प्रक्रिया शुरू की गई. करीब 14 से 15 एकड़ सरकारी भूमि पर बने इस मदरसे को हटाने के लिए प्रशासन ने एक साथ 5 बुलडोजर लगाए. इस जमीन की अनुमानित कीमत 20 से 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया

इस कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था. मौके पर भारी संख्या में पुलिस और पीएसी (PAC) के जवान तैनात रहे. प्रशासन इस विवादित भूमि का कब्जा अब भूमि प्रबंधक समिति को सौंपने जा रहा है. इसके साथ ही आरोपी पक्ष से करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वसूलने के भी आदेश दिए गए हैं.

विदेशी फंडिंग की होगी जांच

मदरसे का संचालन करने वाला मुख्य आरोपी फारूक फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अब संस्था के आय के स्रोतों की गहराई से जांच कर रहा है. इस संबंध में गाजियाबाद जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि यह भूमि पूरी तरह सरकारी है और इस पर अवैध कब्जा करके निर्माण किया गया था. राजस्व विभाग और न्यायालय के आदेशों के तहत ही यह कार्रवाई की जा रही है. आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और संस्था को मिलने वाली फंडिंग की जांच की जा रही है कि कहीं इसमें कोई विदेशी स्रोत तो शामिल नहीं है.

बागपत के बड़ौत में भी जमींदोज हुआ कथित अवैध मदरसा व मस्जिद

गाजियाबाद के साथ-साथ पड़ोसी जिले बागपत में भी अवैध निर्माण पर बुधवार को ही प्रशासन का पीला पंजा चला. आरोप है कि बागपत के बड़ौत तहसील क्षेत्र के बोपुरा गांव में बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के 'मदरसा इस्लामिया सबिलुल फ़लाह' और एक मस्जिद का निर्माण किया जा रहा था. इसकी सूचना मिलने पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से खड़े किए जा रहे इस ढांचे को बुलडोजर की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा या बिना नियमों के किया गया कोई भी निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी.

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खोड़ा में बिना मान्यता चल रहे मदरसे पर FIR

गाजियाबाद के ही खोड़ा क्षेत्र में भी प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. यहां बिना किसी वैध अनुमति और पंजीकरण के चल रहे 'सुल्तान उल-आरफीन मदरसे' के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है. जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय की शिकायत पर थाना खोड़ा में यहां पढ़ाने वाले मौलवी और दूसरे शिक्षक जावेद अख्तर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. दरअसल, जांच में सामने आया है कि इस मदरसे के पास न तो अल्पसंख्यक विभाग का रजिस्ट्रेशन था और न ही सोसायटी का कोई वैध प्रमाणपत्र. इसके अलावा, परिसर में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे. संस्था के पास अग्निशमन (Fire) और विद्युत सुरक्षा विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) भी नहीं पाई गई, जिससे यहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ था. इसके अलावा जिले में अपराधियों और संदिग्ध संस्थानों का सत्यापन अभियान भी तेजी से चलाया जा रहा है. इस पूरे मामले पर गाजियाबाद एडिशनल कमिश्नर राजकरण नैयर ने बताया कि लेखपाल की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई है.

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गाजियाबाद के लोनी में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोनी में बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। राशिद अली गेट से निठौरा मार्ग तक सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया. कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया था. अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हटाया गया. प्रशासन का कहना है कि सड़क और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इसी को देखते हुए यह अभियान चलाया गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक मार्गों पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. प्रशासन की इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा, जबकि स्थानीय लोगों ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त किए जाने का स्वागत किया. 

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