- लखनऊ विश्वविद्यालय की लाल बारादरी परिसर में नमाज पढ़ने और दंगा भड़काने के आरोप में मामला दर्ज किया
- रजिस्ट्रार डॉ. भावना मिश्रा की लिखित शिकायत के आधार पर अज्ञात छात्रों को बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ FIR हुई
- आरोपियों पर भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है
लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर स्थित 'लाल बारादरी' एक बार फिर विवादों के केंद्र में है. विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने परिसर में नमाज पढ़ने और दंगा भड़काने के प्रयास के आरोप में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है.
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
लखनऊ विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. भावना मिश्रा की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने यह कदम उठाया है. एफआईआर में अज्ञात छात्र-छात्राओं के साथ-साथ कई बाहरी व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीएलए) अधिनियम की धाराओं 191(2), 196(1)(ए), 196(1)(बी), 196(1)(सी), 353(2) और 7 के तहत FIR दर्ज की गई. बीते दिनों से लाल बारादरी में नमाज पढ़ने को लेकर कैम्पस में तनाव की स्थिति बनी हुई थी. हाल ही में कुछ मुस्लिम युवाओं द्वारा लाल बारादरी में नमाज पढ़ते हुए वीडियो सामने आए थे.
एफआईआर कॉपी के मुताबिक, 22 फरवरी 2026 को लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर के लाल बारादरी क्षेत्र में फेंसिंग कार्य के दौरान छात्रों और कुछ बाहरी लोगों द्वारा कथित रूप से तोड़फोड़ और अव्यवस्था फैलाने का मामला FIR में दर्ज हुआ. शिकायत में यह भी कहा गया है कि मौके पर कुछ व्यक्तियों ने सार्वजनिक स्थान पर नमाज और इफ्तार किया. FIR में सभी आरोपी अज्ञात हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर SI शिशिर कुमार को जांच सौंपी है. शिकायत में आरोपियों को चिन्हित करके कठोर कार्रवाई करने की मांग की है.














