- कानपुर देहात के मावर शरीफ गांव के पास स्कूल बस और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हुई, लेकिन कोई गंभीर चोट नहीं आई
- हादसे के समय कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का काफिला मौके पर था, जिन्होंने तुरंत राहत कार्य में भाग लिया
- मंत्री ने घायल बच्चे को अपने सुरक्षा गार्ड से गोद में उठाकर अस्पताल पहुंचाने का इंतजाम किया
Kanpur Road accident: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में बुधवार को उस समय चीख पुकार मच गई, जब बच्चों से भरी एक स्कूल बस और ट्रक के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई. यह हादसा कानपुर-झांसी हाईवे पर सिंगूर नदी के पास मावर शरीफ गांव (मावर कट) के सामने हुआ. गनीमत यह रही कि इस भयानक टक्कर के बाद भी किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई और एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया.
जानकारी के अनुसार, लालपुर स्थित ग्रीन वैली स्कूल की बस छुट्टी होने के बाद बच्चों को उनके घर छोड़ने जा रही थी. रास्ते में कानपुर-झांसी हाईवे पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है, जिसकी वजह से जगह-जगह गड्ढे हैं और वनवे ट्रैफिक के कारण गाड़ियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. जैसे ही स्कूल बस मावर कट के पास मुड़ने लगी, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी तेज थी कि बस में सवार बच्चे डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगे.
मसीहा बनकर पहुंचे कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान
इस दुर्घटना के ठीक बाद, उत्तर प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का काफिला उसी रूट से गुजर रहा था. सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त स्कूल बस और बच्चों के रोने की आवाज सुनकर मंत्री ने बिना एक पल गंवाए तुरंत अपना काफिला रुकवा दिया. एक सच्चे जनसेवक की मिसाल पेश करते हुए मंत्री दारा सिंह खुद गाड़ी से नीचे उतरे और राहत व बचाव कार्य में जुट गए. उन्होंने प्रशासनिक मदद का इंतजार किए बिना अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर बच्चों को बस से सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया.
तपती सड़क पर बच्चे को गार्ड की गोद में उठाया
हादसे के बाद का मंजर बेहद भावुक कर देने वाला था. भीषण गर्मी के बीच जब एक घायल बच्चे को इलाज के लिए बस से बाहर लाया गया, तो धूप से तप रही सड़क के कारण उसके पैर जलने लगे. बच्चे को तड़पता देख मंत्री दारा सिंह चौहान ने तुरंत अपने सुरक्षा गार्ड को निर्देश दिया कि बच्चे को गोद में उठा लिया जाए. गार्ड ने तुरंत बच्चे को गोद में लिया और मंत्री की अपनी सरकारी गाड़ी में बैठा लिया, ताकि उसे बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया जा सके. इसके साथ ही मंत्री ने रोते बिलखते बच्चों को गले से लगाया, उन्हें पानी पिलाया और छांव में बैठाकर उनका हौसला बढ़ाया. मंत्री के निर्देश पर उनके स्टाफ ने बस के अंदर फंसे बच्चों के स्कूल बैग और अन्य सामान भी सुरक्षित बाहर निकाले.
एक घंटे तक मौके पर डटे रहे मंत्री
मंत्री दारा सिंह चौहान करीब एक घंटे तक घटनास्थल पर ही मौजूद रहे. उन्होंने स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को फोन कर तुरंत मौके पर पहुंचने और घायलों को बेहतर इलाज देने के सख्त निर्देश दिए. मंत्री की इस तत्परता और संवेदनशीलता के कारण बच्चों को समय रहते मेडिकल हेल्प मिल सकी.
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इस हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई है. केवल दो बच्चों को मामूली खरोंचें आई थीं, जिन्हें शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया. भोगनीपुर कोतवाली के निरीक्षक सतीश कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना को अंजाम देने वाले ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है. सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें उनके परिजनों के साथ सकुशल घर भेज दिया गया है. हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल जरूर बना, लेकिन पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी से यातायात को जल्द ही सुचारू कर दिया गया.
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