गांव में दुल्हन लेने आया कंपनी का सीईओ, हेलिकॉप्टर से हुई विदाई, ग्रामीण बोले-ऐसा कभी नहीं देखा

हर पिता का सपना होता है कि वह अपनी बेटी की शादी और विदाई को यादगार बना दे. कानपुर देहात के एक छोटे से गांव में शुक्रवार को ऐसा ही एक अविस्मरणीय नज़ारा देखने को मिला, जब एक किसान की बेटी की विदाई कार या डोली में नहीं, बल्कि हेलिकॉप्टर से हुई.

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  • कानपुर देहात के एक गांव में किसान अमर सिंह यादव की बेटी प्रतिमा की विदाई हेलिकॉप्टर से हुई, जो अनोखा दृश्य था
  • प्रतिमा एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और उनका दूल्हा विकास, जो एक ड्रोन कंपनी का सीईओ है, Shaadi.com से मिले थे
  • शादी की तारीख चार दिसंबर थी और विदाई पांच दिसंबर को हुई, जिसमें पूरे गांव के लोग भावुक और गर्वित नजर आए
कानपुर देहात:

हर पिता का सपना होता है कि वह अपनी बेटी की शादी और विदाई को यादगार बना दे. कानपुर देहात के एक छोटे से गांव में शुक्रवार को ऐसा ही एक अविस्मरणीय नज़ारा देखने को मिला, जब एक किसान की बेटी की विदाई कार या डोली में नहीं, बल्कि हेलिकॉप्टर से हुई. इस फिल्मी सीन जैसे नज़ारे को देखकर गांववासी हैरान रह गए और गर्व से भर उठे.

आसमान से उतरा 'विदाई का वाहन'

कानपुर देहात के रसूलाबाद नगर पंचायत के गौतम बुद्ध नगर वार्ड में शुक्रवार की सुबह किसी फिल्मी सेट से कम नहीं थी. आसमान में गड़गड़ाहट हुई और अचानक गांव के एक खेत पर एक हेलिकॉप्टर ने लैंड किया. यह हेलिकॉप्टर किसी राजनेता या हस्ती के लिए नहीं, बल्कि गांव के साधारण किसान अमर सिंह यादव की बेटी प्रतिमा की विदाई के लिए आया था. दुल्हन प्रतिमा खुद एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. जब वह अपने दूल्हे विकास के साथ हेलिकॉप्टर में बैठीं, तो न केवल नाते-रिश्तेदार, बल्कि पूरे गांव की आंखें ख़ुशी और गर्व से नम हो गईं.

Shaadi.com से शुरू हुई कहानी, दूल्हा हैं CEO

यह हाई-प्रोफाइल शादी इंटरनेट के माध्यम से तय हुई थी. प्रतिमा और पटना के निवासी विकास की मुलाकात Shaadi.com के ज़रिए हुई. बेंगलुरु की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और उनका मासिक वेतन 2.50 लाख रुपये है. वह दिल्ली स्थित ड्रोन बनाने वाली कंपनी इनफ्राटेक के सीईओ हैं. दोनों परिवारों की रजामंदी के बाद 4 दिसंबर को शादी हुई, और 5 दिसंबर को यह ऐतिहासिक विदाई संपन्न हुई. 

 

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एक किसान ने साबित कर दिया सब कुछ मुमकिन है

इस भव्य आयोजन के पीछे पिता अमर सिंह यादव का वर्षों का संघर्ष और त्याग छिपा है. पेशे से किसान अमर सिंह ने अपने बच्चों की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी. उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि बेटी प्रतिमा एक सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. बड़ा बेटा देवा बीटेक का छात्र है. छोटा बेटा शिवा इंटरमीडिएट का छात्र है. ग्रामीणों ने अमर सिंह के जज़्बे की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने यह साबित कर दिया कि एक किसान भी अपनी बेटी को राजकुमारियों जैसी विदाई दे सकता है.

लखनऊ के रास्ते पटना रवाना हुए नवदंपति

हेलिकॉप्टर की लैंडिंग और विदाई को देखने के लिए गांव में भारी भीड़ उमड़ पड़ी. किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए, पुलिस प्रशासन और फायर विभाग की गाड़ियां मौके पर मुस्तैद रहीं. नवदंपति हेलिकॉप्टर से लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से फ्लाइट पकड़कर अपनी आगे की यात्रा के लिए पटना के लिए रवाना हुए.

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