दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा का इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर खिलाफ वकीलों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है. हड़ताल शुरू करने वाले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा कि उनके तबादले का आदेश एसोसिएशन को पूर्णतया अमान्य है. वकीलों ने कैश कांड के आरोपों में घिरे जस्टिस यशवंत वर्मा को लेकर आर पार की लड़ाई का ऐलान किया है. सुबह 10:00 बजे से हाईकोर्ट के गेट नंबर 3 पर वकील जुटना शुरू हो गए हैं.
वकीलों ने कामकाज का किया बहिष्कार
वकील पूरी तरह से न्यायिक कामकाज का बहिष्कार कर रहे हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जस्टिस वर्मा के इलाहाबाद हाईकोर्ट तबादले का विरोध कर रहा है. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सीजेआई से कॉलेजियम के फैसले पर पुनर्विचार करने की भी अपील की है. आज से हाईकोर्ट का फोटो आइडेंटिफिकेशन सेंटर भी अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है.
कोर्ट में दाखिल नहीं हो पाएंगे नए केस
इससे इलाहाबाद हाईकोर्ट में नए मुकदमों का दाखिला भी पूरी तरह से ठप हो जाएगा. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट अनिल तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में हड़ताल पर जाने का फैसला लिया गया था. बार एसोसिएशन के मेंबर ने कहा कि उनकी मांग को जब तक माना नहीं जाएगा बेमियादी हड़ताल जारी रहेगी. सुबह से हाईकोर्ट के गेट नंबर 3 पर वकील जमा होने लगे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
वकीलों की क्या मांग
वकीलों की मांग है कि जस्टिस वर्मा का तबादला तुरंत रोका जाए. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव विक्रांत पांडेय ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी डिमांड पूरी नहीं हो जाती. उनका आरोप है कि एक ऐसे जज को, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, इलाहाबाद भेजकर सम्मानित किया जा रहा है. विक्रांत पांडेय ने कहा, "यह संदेश दिया जा रहा है कि दिल्ली ज्यादा साफ-सुथरी जगह है, और वहां ऐसे लोग नहीं रह सकते, लेकिन इलाहाबाद में इसे स्वीकार कर लिया गया. यह हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है. अगर न्यायपालिका की शुद्धता पर कोई दाग लगेगा, तो हम इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे."