IPS केके बिश्नोई: संभल में यूं खोला 100 करोड़ का जमीन घोटाला, कभी UP के 7 खूंखार माफिया को मिट्टी में म‍िलाया

IPS कृष्ण कुमार (केके) बिश्नोई एसपी संभल ने 100 करोड़ रुपये के सरकारी जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया है. पहले वे बदन सिंह बद्दो सहित यूपी के 7 कुख्यात माफियाओं पर कार्रवाई कर चुके हैं. उनकी 800 करोड़ की संपत्ति की गई. जानिए भारत-पाक सीमा के एक छोटे से गांव से लेकर उनके आईपीएस बनने और उनके पूरे परिवार के संघर्ष की अद्भुत प्रेरक कहानी.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
IPS केके बिश्नोई संभल एसपी ने 100 करोड़ के जमीन घोटाले में ल‍िया बड़ा एक्शन, वर्षों से दबी फाइलों को खोलकर भू-माफिया की कमर तोड़ी
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • IPS कृष्ण कुमार बिश्नोई संभल के SP हैं. हाल ही 100 करोड़ रुपये के सरकारी जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई की.
  • सात बड़े माफियाओं के अवैध साम्राज्य को समाप्त कर उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधार की.
  • कृष्ण कुमार बिश्नोई का जन्म राजस्थान के धोरीमन्ना में हुआ. UPSC परीक्षा पास 2018 बैच के IPS बने

IPS कृष्ण कुमार (केके) बिश्नोई उत्तर प्रदेश कैडर में भारतीय पुलिस सेवा के काबिल, ईमानदार और जांबाज पुलिस अधिकारियों में से एक हैं. संभल के पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई हाल ही में 100 करोड़ रुपये के सरकारी जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई करके सुर्खियों में हैं. इससे पहले वे पूरे उत्तर प्रदेश में शासन द्वारा चिह्नित 7 कुख्यात माफियाओं के अवैध साम्राज्य को भी मिट्टी में मिला चुके हैं. माफ‍िया की 800 करोड़ सीज करवाने में भी इनकी खास भूम‍िका रही है.

NDTV से बातचीत में साझा किए जिंदगी के अनुभव

आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई ने एनडीटीवी से बातचीत में उत्तर प्रदेश में माफिया के खिलाफ रियल लाइफ सिंघम स्टाइल में की गई पुलिसिंग, एक छोटे से गांव में जन्म से लेकर यूपीएससी  पास करने तक के सफर, अपने पांच भाई-बहनों की सफलता की कहानी, माता-पिता के संघर्ष और अपनी पत्नी आईपीएस अंशिका वर्मा, SP बरेली के बारे में कई बातें साझा कीं.

संभल जामा मस्जिद विवाद के बाद कानून व्यवस्था संभाली

संभल एसपी केके बिश्नोई बताते हैं कि वे पिछले 22 महीनों से संभल के पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात हैं. 24 नवंबर 2024 को संभल जामा मस्जिद विवाद में अचानक हिंसा भड़क उठी थी. उसके बाद उन्होंने जिस तरह से कानून एवं शांति व्यवस्था को संभाला, उससे जनता का संभल पुलिस में विश्वास बढ़ा.  

यह भी पढ़ें- DSP की वाइफ ने फेसबुक पर लिखा- मां बीमार, बच्चों को इंतजार, नक्सल क्षेत्र से पति का हो ट्रांसफर, अब हुआ तबदला

Advertisement

krishna kumar bishnoi ips current posting
Photo Credit: Social Media

संभल में 100 करोड़ के सरकारी जमीन घोटाले में बड़ी गिरफ्तारी

अब उन्होंने तत्कालीन संभल नगर परिषद के अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता (वर्तमान में शाहजहांपुर के सहायक नगर आयुक्त) को करीब 100 करोड़ रुपये के सरकारी भूमि घोटाले के मामले में गिरफ्तार कर यूपी पुलिस का इकबाल बुलंद किया है. इस मामले में संभल कोतवाली में 31 नामजद आरोपियों समेत कई अन्य के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है.

वर्षों से दफ्तरों में दफन फाइलों को खोज निकाला 

केके बिश्नोई के अनुसार, संभल में सरकारी जमीन घोटाले के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना और इस बेशकीमती जमीन को मुक्त करवाना आसान नहीं था. पूरे मामले की फाइलें वर्षों से सरकारी दफ्तरों में दफन थीं. संभल-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की इस सरकारी जमीन को भू-माफिया ने अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध रूप से अपने नाम हस्तांतरित करवा लिया था. इतना ही नहीं, माफिया ने इस पर रातों-रात चारदीवारी और फैक्ट्री तक खड़ी कर दी थी. पुलिस और प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब पूरी जमीन को खाली करवा लिया है. 

Advertisement

ips kk bishnoi sambhal sp land scam action mafia success-story of Krishna Kumar

CM योगी की रडार पर थे 60 कुख्यात माफिया

IPS केके बिश्नोई ने बताया कि जब योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तब सरकार के स्तर पर प्रदेशभर से 60 कुख्यात माफियाओं को चिह्नित किया गया था. गर्व की बात यह है कि उनमें से 7 बड़े माफिया और उनके अवैध साम्राज्य को आईपीएस बिश्नोई ने मलबे में दफन कर दिया. इन सात में मेरठ का वह कुख्यात माफिया बदन सिंह बद्दो भी शामिल है, जिसके खिलाफ लोग डर के मारे आवाज तक नहीं उठा पाते थे.

बदन सिंह बद्दो और संजीव जीवा समेत 7 पर कड़ा एक्शन

केके बिश्नोई संभल के एसपी बनने से पहले मेरठ, मुजफ्फरनगर और गोरखपुर में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इस दौरान उन्होंने जिन 800 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले सात माफियाओं पर कड़ा एक्शन लिया, उनमें बदन सिंह बद्दो, योगेश भदौड़ा, सुशील मूंछ, संजीव जीवा, राजन तिवारी, विनोद उपाध्याय और भूपेंद्र बाफर आदि के नाम शामिल हैं.

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के गांव से शुरू हुआ सफर

केके बिश्नोई का जन्म 1 जनवरी 1994 को राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना में किसान गंगादेवी और सुजाना राम बिश्नोई के घर हुआ था. वे छह भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं. सबसे खास बात यह है कि इनके सभी भाई-बहन आज सरकारी नौकरियों में उच्च पदों पर हैं. धोरीमन्ना राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित एक सुदूर इलाका है. धोरीमन्ना के स्थानीय स्कूल से अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद, केके बिश्नोई ने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से उच्च शिक्षा की डिग्री प्राप्त की. साल 2008 में उन्होंने आठवीं बोर्ड परीक्षा में पूरे राज्य में टॉप किया था.  

यह भी पढ़ें- IAS अवनीश शरण का 45 की उम्र में कमाल का बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन, बताई फैट टू फिट की पूरी कहानी

Advertisement

IPS KK Bishnoi: भारत-पाक बॉर्डर के छोटे से गांव से निकले 6 भाई-बहन, सभी सरकारी अफसर; दिलचस्प है संभल एसपी के पर‍िवार की कहानी

केके बिश्नोई परिवार की सक्सेस स्टोरी: सभी भाई-बहन सरकारी पदों पर

गंगादेवी हाउसवाइफ और सुजाना राम बिश्नोई क‍िसान हैं. दोनों ने अपने दोनों बेटों व चार बेटों के स्‍कूल कॉलेज की ओर जाते कदम कभी नहीं रोके.  नतीजा यह रहा सभी छहों भाई-बहन सरकारी नौकरी लग गए. केके बिश्नोई के भाई भजनलाल राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं. उनकी बहन रामकोरी जोधपुर में पटवारी, सरस्वती दिल्ली में नर्सिंग ऑफिसर, इंदु बाला स्त्री रोग विशेषज्ञ और मंजू बाला आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं. 

Advertisement

आईपीएस केके बिश्नोई का विवाह 29 मार्च 2026 को अंशिका वर्मा से हुआ. अंशिका वर्मा भी यूपी कैडर की ही एक तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी हैं.

IPS अंशिका वर्मा से बिश्नोई समाज के रीति-रिवाजों से की शादी

आईपीएस केके बिश्नोई का विवाह 29 मार्च 2026 को अंशिका वर्मा से हुआ. अंशिका वर्मा भी यूपी कैडर की ही एक तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी हैं. मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली अंशिका वर्तमान में बरेली की पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में सेवाएं दे रही हैं. अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई ने राजस्थान के जोधपुर में बिश्नोई समाज के पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की थी.

विदेश मंत्रालय और UNO में भी कर चुके हैं काम

केके बिश्नोई उत्तर प्रदेश कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उन्हें अपने दूसरे प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 174वीं रैंक मिली थी. आईपीएस बनने से पहले उन्होंने विदेश मंत्रालय में चीन संबंधी मामलों के विशेषज्ञ के रूप में और संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) में भी कार्य किया था. 

यह भी पढ़ें- IPS अभिषेक भारती की कुर्सी पर जा बैठी दरोगा की बहू! ससुर की रिटायरमेंट पार्टी में बना डाली REEL

Featured Video Of The Day
सिया गोयल ने क्यों रखा था सीक्रेट मोबाइल?
Topics mentioned in this article
IPS
Success Story
Uttar Pradesh
Rajasthan News