कहीं कोई बांग्लादेशी आउटसोर्स या संविदा पर सफाईकर्मी की नौकरी तो नही पा गया. इस आशंका पर झांसी नगर निगम ने जांच शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री कार्यालय से फरमान मिलते ही नगर निगम ने कांटेक्ट और आउटसोर्सिंग पर तैनात सफाई कर्मियों की सूची पुलिस को सौंप दी है. पुलिस वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है. अचानक वेरिफिकेशन होने से सफाईकर्मियों में खलबली मच गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार को खबर मिली है कि आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की नगरीय निकायों (नगरनिगम, नगर पालिका) में सफाईकर्मियों के तौर पर नियुक्ति की जा रही है. इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी नगर आयुक्तों व अधिशाषी अभियंताओं को निर्देश जारी किये गये हैं कि आउटसोर्स व कांटेक्ट पर लगे सफाईकर्मियों का पुलिस से वेरिफिकेशन कराया जाये, जिससे पता चल सके कि वह कहां के निवासी हैं.
नगर आयुक्त के पत्र के बाद पुलिस विभाग ने सभी सम्बंधित थाने सफाई कर्मचारियों की सूची भेज दी है. नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने बताया कि झांसी नगर निगम में लगभग 1500 आउटसोर्स सफाई कर्मी हैं, शासन के आदेश पर सभी का सत्यापन पुलिस द्वारा कराया जा रहा है.