- SIT की टीम ने ग्रेटर नोएडा सेक्टर 150 में कार पानी में गिरने की घटना को रीक्रिएट किया
- टीम ने ब्रेकर से लेकर गाड़ी के गिरने तक की जगह को मार्क कर घटना के हर पहलू को बारीकी से जांचा
- इस जांच में जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा, डीसीपी ग्रेटर नोएडा, एडीएम और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में युवराज मेहता की कार पानी में गिरने की घटना को एसआईटी की टीम ने आज रीक्रिएट किया. बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले में एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी की टीम गुरुवार शाम करीब 6.15 बजे मेरठ से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में घटनास्थल पर पहुंची. यह टीम करीब आधे घंटे तक यहां रुकी. इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से उस दिन के बारे में जानकारी ली.
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ब्रेकर से लेकर गाड़ी गिरने तक की जगह मार्क
एसआईटी की टीम ने ब्रेकर से लेकर गाड़ी गिरने तक की जगह को मार्क किया गया. इस दौरान जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा डीसीपी ग्रेटर नोएडा एडीएम और अन्य अधिकारी वहां मौजूद रहे. एडीजी भानु भास्कर ने करीब आधे घंटे तक वहां का जायजा लिया. अब रिपोर्ट तैयार कर 5 दिन में सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपी जाएगी. उसके बाद मौत के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी.
SIT ने एक-एक चीज बारीकी से देखी
एसआईटी की टीम ने हादसे वाली जगह को गौर से देखा. उन्होंने ये मुआयना भी किया कि युवराज की कार कितनी स्पीड में होगी जो दीवार तोड़कर वह पानी में जा गिरी. इसके साथ ही उन्होंने ये सब भी देखा कि कार किस दिशा से आ रही थी. उन्होंने ब्रेकर से लेकर युवराज की कार गिरने तक एक-एक चीज को पर बारीकी से चर्चा की.
इस दौरान पुलिस ने एसआईटी की टीम को घटना से जुड़ी हर एक जानकारी दी. इस दौरान टीम के अधिकारी बहुत ही गौर से हर एक चीज पर अपनी नजर बनाए हुए थे कि कार कितनी दूरी पर जाकर गिरी. क्या रेस्क्यू इतना मुश्किल था. ताकि युवराज को न्याय मिलने में एक भी कड़ी मिस न हो.
दीवार तोड़ पानी में गिरी थी युवराज की कार
यह घटना 16 और 17 जनवरी 2026 की रात की है, जब पेशे से एक इंजीनियर युवराज मेहता की कार गने कोहरे की वजह से दीवार तोड़कर पानी भरे गड्ढे में जा गिरी थी. पानी में कार डूबने की वजह से उसकी मौत हो गई. आरोप है कि बिल्डर और उसके सहयोगियों द्वारा निर्माण स्थल पर गंभीर लापरवाही बरती गई थी. प्लॉट में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था, जिसमें डूबने से युवराज की मौत हो गई थी. इस मामले में थाना नॉलेज पार्क में केस भी दर्ज किया गया है. वहीं पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है. हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है.













