गाजियाबाद के मुरादनगर श्मशान हादसे (muradnagar Crematorium Incident) को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने का मंगलवार को आदेश दिया. मुख्यमंत्री ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी कार्रवाई करने का आदेश दिया है. साथ ही उन्होंने हादसे में मृत लोगों के परिजनों को मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाकर दस लाख रुपये कर दिया है. बता दें कि रविवार को मुरादनगर में एक शवदाह गृह की छत ढह गई थी, जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हुए थे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्य से सरकारी धन के हुए नुकसान की भरपाई सम्बंधित ठेकेदार तथा अभियंताओं से करने के निर्देश भी दिए हैं. साथ ही प्रत्येक आवासहीन प्रभावित परिवार को एक आवास उपलब्ध कराए जाने की भी घोषणा की है.
इससे पहले, गाजियाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हादसे में गिरे शवदाह गृह का निर्माण करने वाला ठेकेदार अजय त्यागी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उस पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम रखा था. वह हादसे के बाद से फरार चल रहा था. पुलिस ने इस मामले में तीन नगर निकाय अधिकारियों को सोमवार को गिरफ्तार किया था.
हादसे के बाद ईओ निहारिका चौहान, ठेकेदार अजय त्यागी, जेई चंद्रपाल व सुपरवाइजर आशीष समेत अन्य के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की धाराओं के तहत रविवार रात में ही मामला दर्ज किया गया था.
इस पूरे मामले को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हुआ है. घटना कैसे हुई, इसपर पुलिस का कहना है कि बारिश से बचने के लिए कई लोग इमारत के नीचे खड़े थे जिसे हाल ही में बनाया गया था, तभी यह छत ढह गई और सारे लोग मलबे में दब गए. जानकारी है कि श्मशान घाट में जिस गलियारे की छत ढही है, उसका निर्माण कार्य दो महीने पहले शुरू हुआ था. इस गलियारे को बनाने में करीब 55 करोड़ रुपए की लागत आई थी और इसे 15 दिन पहले ही आम लोगों के लिए खोला गया था.














