FSDA Action: भूल कर भी इन कंपनियों के खाद्य तेल का न करें इस्तेमाल, इन 14 कंपनियों को FSDA कर चुकी है बैन

Action Against adultration in Food oil: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर त्योहारों के सीजन से पहले ही अफसरों को मिलावटखोरी रोकने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद FSDA ने एक विशेष अभियान के तहत यूपी के कई शहरों(लखनऊ, कानपुर, कानपुर देहात, मेरठ, आगरा, हाथरस, हापुड़, पीलीभीत आदि ) में इन कम्पनियों के फर्मों पर छापेमारी करते हुए इनके सैम्पल कलेक्ट कर जांच के लिए भेजा था, जोकि पूरी तरह से फेल साबित हुए.

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FSDA baned 14 Companies in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में खाद्य तेल पदार्थों में मिलावटखोरी को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है. मिलटखोरी खा धंधा करने वाली ऐसी 14 फर्म के वितरण, भण्डारण, निर्माण व बिक्री पर   FSDA ने पूरी तरीके से रोक लगा दी है.  दरअसल, यूपी में FSDA ने मिलावट खोरी को लेकर एक त्योहारों से पहले विशेष अभियान चलाया था, जो अब तक जारी है. इस दौरान FSDA ने यूपी के कई शहरों के प्रतिष्ठानों, गोदामों, फर्मों पर छापा मारते हुए नमूने इकठ्ठे किए थे. 

बाद जांच के बाद इनमें से लखनल, कानपुर, कानपुर देहात, मेरठ आगरा, हापुड़ हाथरस, गोरखपुर की कुल 14 खाद्य तेल कम्पनियों पर बैन लगाया दिया है. इन खाद्य तेल कंपनियों के नमूने जांच में विफल रहे और इनमें हाई लेवल फैट और शीशा (लेड ) पाए गए, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है.

भूल कर भी इन कंपनियों के खाद्य तेल का न करें इस्तेमाल, इन 14 कंपनियों को FSDA कर चुकी है बैन
Photo Credit: AI Generated Image

इन शहरों में हुई FSDA की बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर त्योहारों के सीजन से पहले ही अफसरों को मिलावटखोरी रोकने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद FSDA ने एक विशेष अभियान के तहत यूपी के कई शहरों(लखनऊ, कानपुर, कानपुर देहात, मेरठ, आगरा, हाथरस, हापुड़, पीलीभीत आदि ) में इन कम्पनियों के फर्मों पर छापेमारी करते हुए इनके सैम्पल कलेक्ट कर जांच के लिए भेजा था, जोकि पूरी तरह से फेल साबित हुए.

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58 टीमें, 210 सैम्पल, फिर बैन हुई 14 तेल व खाद्य कंपनियां

सीएम से आदेश मिलने के बाद Secretary and Commissioner of FSDA  डा. रोशन जैकब के निर्देश पर FSDA ने खाद्य तेल एवं वसा की जांच को प्रदेश में विशेष अभियान चलाया था. इसके लिए कुल 58 टीमें गठित की गई थीं. इन 58 प्रदेश स्तरीय खाद्य सचल दलों ने 210 सैंपल एकठ्ठे किए थे, जिसमें से 206 सैम्पल खाद्य तेल व वसा के थे. इन नमूनों की अधिकृत प्रयोगशालाओं में अत्याधुनिक मशीनों से जांच कराई गई. विभाग के मुताबिक, कई फर्मों के नमूने विश्लेषण में असुरक्षित और विभिन्न पैरामीटरों पर फेल साबित हुए. इनमें लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, आगरा, मेरठ, हाथरस, हापुड़ और गोरखपुर की फर्में शामिल हैं. 

इन कंपनियों को किया गया पूरी तरीके से बैन

FSDA ने प्राप्त नमूनों के आधार पर इन 14 फर्मों के उत्पाद का विश्लेषण किया और पाया कि इनके उत्पाद स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है, जिसके बाद इनके भंडारण, उत्पादन, निर्माण और बिक्री की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए इन पर कड़ी कार्रवाई की गई. ये 14 फार्म इस प्रकार है.

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  • 1- हिंद वेज ऑयल प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ
  • 2- संकट मोचन एंटरप्राइजेज, लखनऊ
  • 3- भीम श्री प्रोडक्ट्स, कानपुर नगर
  • 4- एनआर उद्योग, कानपुर नगर
  • 5- कटारिया एडिबल्स, कानपुर नगर
  • 6- वैभव एडिबल्स, कानपुर देहात
  • 7- मंटोरा ऑयल प्रोडक्शन, कानपुर देहात
  • 8- आगरा ऑयल जनरल इंडस्ट्री लिमिटेड, हाथरस
  • 9- एनएम ऑयल कॉर्पोरेशन, आगरा
  • 10- जीएस एग्रो फूड्स, मेरठ
  • 11- जेपी एग्रो ऑयल, मेरठ
  • 12- राजेंद्र कुमार सुशील चंद, मेरठ
  • 13- केएल वेजिटेबल ऑयल प्रोडक्ट, हापुड़
  • 14- जय लक्ष्मी सॉल्वेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, गोरखपुर

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