कानपुर में किराए के कमरे में छप रहे थे फर्जी नोट, लाखों की फेक करेंसी के साथ तीन गिरफ्तार

पुलिस ने जब इनके ठिकाने पर छापेमारी की तो मौके से कुल 2 लाख 4 हजार 650 रुपये के नकली नोट बरामद किए. इसमें 100 रुपए के 1991 नोट, 50 रुपये के 71 नोट और 500 रुपये के 4 नकली नोट शामिल हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
कानपुर में फर्जी नोट छापने वाले गिरोह का मामला सामने आया है.
NDTV
कानपुर:

कानपुर में किराए के एक कमरे से फर्जी नोट छापने का धंधा चल रहा था. इन नोटों को खपाने का तरीका भी बेहद खास था. गिरोह के शातिर बदमाश एक हजार रुपये लाओ और तीन हजार ले जाओ की स्कीम के तहत फेक करेंसी बाजार में खपा रहे थे. यह सुनने में किसी बंपर लॉटरी या लुभावने ऑफर जैसा लगता है, लेकिन कानपुर में यह कोई लॉटरी नहीं, बल्कि नकली नोटों का एक बड़ा काला खेल था. कानपुर कमिश्नरेट की स्वाट टीम और रेल बाजार पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ऐसे ही शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो किराए के कमरे में प्रिंटर की मदद से धड़ल्ले से नकली नोट छाप रहा था. ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर संकल्प शर्मा ने बताया कि मुखबिर से मिली एक खास सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रामलीला ग्राउंड के पास एक कमरे की घेराबंदी की. यहां से पुलिस ने तीन शातिर सोमिल गुप्ता, शेर सिंह और रोशन अली को गिरफ्तार किया. पुलिस को इनके पास से 2 लाख रुपये से अधिक की नकली करेंसी और छपाई का पूरा सेटअप मिला है.

कम पढ़े-लिखे लोगों को बनाते थे निशाना

एडीसीपी एसएस रामटेके ने बताया कि ये शातिर पिछले करीब चार महीने से एक किराये के कमरे में अपनी यह अवैध मिनी टकसाल चला रहे थे. इनका निशाना अक्सर कम पढ़े-लिखे या सीधे-सादे लोग होते थे. ये गिरोह असली 1 हजार रुपये लेकर उन्हें 3 हजार रुपये के नकली नोट (500, 100 और 50 के मूल्य वाले) थमा देता था. 

कानपुर में फर्जी नोट छापने और खपाने वाले गिरोह के गिरफ्तार बदमाश.
Photo Credit: NDTV

पकड़े जाने से बचने के लिए इन्होंने एक हिट एंड रन फॉर्मूला बना रखा था, ये अचानक ही अपना ग्राहक ढूंढते थे और काम होने के बाद वहाँ से तुरंत
निकल जाते थे. ये कभी भी एक जगह या एक व्यक्ति को दोबारा नकली नोट नहीं देते थे.

कमरे से 2 लाख से अधिक के फेक करेंसी मिले

पुलिस ने जब इनके ठिकाने पर छापेमारी की, तो हैरान करने वाला सामान मिला. मौके से कुल 2 लाख 4 हजार 650 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए. इसमें 100 रुपये के 1991 नोट, 50 रुपये के 71 नोट और 500 रुपये के 4 नकली नोट शामिल हैं. इसके अलावा नोट छापने वाला एक प्रिंटर, कैंची, दो पेपर कटर, दो स्केल, इंक की बोतलें (चार खाली व पांच भरी), पेपर और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं.

Advertisement

गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ पहले से चोरी-छिनतई के मामले

ये अपराधी पुलिस के लिए कोई नए चेहरे नहीं हैं. ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, इनके खिलाफ पहले से ही चोरी, छिनतई और एनडीपीएस एक्ट जैसे संगीन मामलों में 15 मुकदमे दर्ज हैं. फिलहाल थाना रेलबाजार पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इन आरोपियों से पूछताछ कर उनके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की कुंडली खंगाल रही है. पुलिस का दावा है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.

यह भी पढ़ें - कानपुर का विनीत मिनोचा मर्डरकेस: करोड़पति ससुर की हत्या में बहू शालू कैसे निकली मास्टरमाइंड? 


Topics mentioned in this article
KANPUR
Kanpur Crime
Kanpur Police
Fake Note
Fake Note Business