- गाजियाबाद में एक ही परिवार की तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या की
- पुलिस जांच में पता चला कि तीनों बहनें एक खतरनाक ऑनलाइन गेम की लती थीं और उसी का प्रभाव था
- चश्मदीद अरुण सिंह ने बताया कि रात करीब दो बजे बहनें रैलिंग पर बैठी थीं और कूदने की कोशिश कर रही थीं
गाजियाबाद से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है. एक ही परिवार की तीन नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. पुलिस की शुरुआती जांच में जो बात निकलकर सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है- तीनों लड़कियां एक खतरनाक ऑनलाइन गेम की लती थीं. इस पूरी घटना के दौरान वहां मौजूद एक चश्मदीद, अरुण सिंह ने NDTV से बातचीत में उस रात का आंखों देखा हाल बताया, जो काफी डरावना है.
चश्मदीद ने बताया रात 2 बजे की खौफनाक कहानी
सोसाइटी में रहने वाले अरुण सिंह के मुताबिक, हादसा रात करीब 2 बजे हुआ. वह ऑफिस का काम खत्म कर सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनकी नजर सामने वाली बालकनी पर पड़ी. अरुण ने देखा कि बालकनी की लाइट जल रही थी और एक लड़की रैलिंग के ऊपर उल्टी तरफ बैठी हुई थी. उसे देखकर साफ लग रहा था कि वह कूदने की कोशिश कर रही है.
अरुण ने बताया, "पहले वह लड़की नीचे उतरी. दूसरी बहन ने उसे खींचने की कोशिश की. मुझे लगा शायद कोई आपसी झगड़ा है. लेकिन कुछ ही सेकंड बाद वह लड़की फिर रैलिंग पर चढ़ गई." अरुण बताते हैं कि एक बहन ने दूसरी को गले लगाया. उन्हें समझ आ गया था कि कुछ अनहोनी होने वाली है. उनके देखते ही देखते तीनों बहनें एक साथ नीचे गिर गईं. मुझे लगा कि दो बच्चियां तीसरी को बचाने की कोशिश कर रही थीं. एक का इरादा पक्का दिख रहा था, लेकिन अंत में तीनों सिर के बल नीचे गिरीं." चश्मदीद के अनुसार, उनके कॉल करने के लगभग एक घंटे बाद एम्बुलेंस मौके पर पहुंची.
बीच वाली बहन 'सुसाइड कमांडर'?
पुलिस और चश्मदीद के बयानों के आधार पर इस घटना में 'ऑनलाइन गेम टास्क' का एंगल सबसे मजबूत नजर आ रहा है. आशंका है कि बीच वाली बहन 'गेम लीडर' थी और वही कमांड तय करती थी. तीनों बहनें हर काम साथ करती थीं. पुलिस को शक है कि यह सुसाइड भी किसी गेम टास्क का हिस्सा था. पड़ोसियों और परिवार को भनक तक नहीं थी कि बच्चियां किस तरह के खतरनाक खेल में उलझी हुई हैं.














