- कपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या और अपहरण का आरोप गांव के ही ठाकुर बिरादरी के लड़के पर है।
- पीड़ित दलित परिवार का आरोप है कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने में लापरवाही कर रही है।
- घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर पाई है, जिससे सवाल उठ रहे हैं।
"योगी जी सब अपराधी पर बुलडोजर चलावे है इन पर क्यों बुल्डोजर न चला अभी तक"…कीचड़ से सनी संकरी गली के छोटे से मकान के सामने हाथ जोड़कर नरसी उप्र सरकार से ये सवाल पूछ रहे हैं…नरसी के पास दलित समाज के आधा दर्जन लोग अलाव ताप रहे हैं…नरसी के साथ खड़े उनके दोस्त दीपक ने बताया कि सुनीता की हत्या और लड़की के अपहरण का आरोप गांव के ही ठाकुर बिरादरी के लड़के पर है…वो कहते हैं कि अगर यही हादसा किसी ठाकुर समाज के परिवार के साथ होता तब क्या होता?
दरअसल कपसाड़ गांव में गुरुवार सुबह सुनीता अपनी बेटी के साथ घास काटने गई थी तभी गांव के ही लड़के ने कथित तौर पर उसका अपहरण कर लिया और मां की हत्या कर दी. लड़की के भाई नरसी ने बताया कि उसकी मां को फरसे से लड़के ने मारा फिर बंदूक की नोंक पर उनकी बहन का अपहरण कर लिया गया. नरसी का आरोप है कि वो गरीब दलित परिवार से आते हैं लिहाजा अपराधियों को पकड़ने में पुलिस लापरवाही बरत रही है. घटना के दो दिन बीत चुके हैं लड़का और लड़की का कोई पता नहीं है.
गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी, नेताओं का लगा तांता
कपसाड़ गांव में मृतक सुनीता के घर जाने के रास्ते में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात है. इस दर्दनाक वाकया के 48 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर तमाम सवाल उठ रहे हैं. शुक्रवार को बीजेपी के संजीव बालियान से लेकर संगीत सोम और सपा के विधायक अतुल प्रधान भी परिवार से मिलने पहुंचे. नगीना के सांसद चंद्र शेखर आजाद ने भी कहा कि कहां है योगी जी का बुल्डोजर कहां है?
राजपूत बोले- वो पीड़ित दलित परिवार के साथ हैं
सरधना में कपसाड़ गांव की आबादी करीब 20 हजार से ज्यादा है. गांव में ठाकुर बहुल है इसलिए जाति को लेकर राजनीति तेज हो गई है. लेकिन पूर्व प्रधान मुकेश कुमार सोम ने कहा कि वो पीड़ित परिवार के साथ हैं जिस राजपूत समाज के लड़के ने ये किया है उसके पशुओं को भी चारा गांव के किसी आदमी ने नहीं डाला है. हम लोग पीड़ित परिवार के साथ हैं. जैसे ही हमें इस घटना के बारे में पता चला तुरंत 100 से 150 लोगों ने उस लड़के को खोजने की कोशिश की. अपराधी किसी भी जाति का है] उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन नेता यहां आकर जाति के नाम पर हमें लड़वाने का काम कर रहे हैं. जबकि सतीश कुमार ने बताया कि नेता यहां आकर जातिसूचक बयान न दें और पीड़ित को न्याय मिले. अपराधियों को सजा मिले यही हम मांग करते हैं.














